
‘पाकिस्तान में धर्मांतरण या पीड़ा’, राष्ट्रीय बाल आयोग (NRCC) की एक नई रिपोर्ट
इस्लामाबाद, 10 अगस्त
पाकिस्तान के राष्ट्रीय बाल आयोग (NRCC) की एक नई रिपोर्ट ने देश में अल्पसंख्यक बच्चों, विशेष रूप से ईसाई और हिंदू बच्चों के साथ हो रहे जबरन धर्मांतरण और बाल श्रम के चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस रिपोर्ट ने व्यापक भेदभाव और संस्थागत उपेक्षा की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
रिपोर्ट, जिसका शीर्षक है “अल्पसंख्यक बच्चों की स्थिति”, ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों को रेखांकित किया है, जिसमें जबरन विवाह, बच्चा श्रम और बंधुआ मजदूरी शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पंजाब प्रांत, जहां देश की 40% आबादी रहती है, में सबसे अधिक हिंसा हुई है। जनवरी 2022 से सितंबर 2024 के बीच पुलिस ने 32 हिंदू, दो अहमदिया, और दो सिख बच्चों समेत 39 अन्य समुदायों के बच्चों को पीड़ित पाया।

रिपोर्ट के अनुसार, अल्पसंख्यक बच्चों को जबरन इस्लाम में परिवर्तित करने और उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से कराने की प्रथा जारी है। कई मामलों में, इन बच्चों को स्कूलों में बैठने से रोका गया और उनके विश्वास का मजाक उड़ाया गया, जिससे वे डरे हुए हैं। यह स्थिति मानवाधिकार संगठनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
NRCC ने सरकार से हस्तक्षेप और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है ताकि अल्पसंख्यक बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



