
ऑपरेशन रावण: कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार का खुलासा
भ्रष्टाचार का बड़ा खेल उजागर
बस्तर से सरगुजा तक फैले भ्रष्टाचार के विशाल जाल का पर्दाफाश ऑपरेशन रावण के जरिए हुआ है। इस खुलासे ने छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित 1500 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले को सामने लाया है। जांच में कई बड़े अधिकारियों और नेताओं की संलिप्तता के सबूत मिले हैं, जिसने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है।
सवालों से बचते नजर आए पूर्व सीएम बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मामले में सवालों से घिरते नजर आए। जब उनसे इस घोटाले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब देने के बजाय दूसरों पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश की। बघेल ने अपने बयानों में विपक्षी दलों और कुछ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन उनके जवाबों में ठोस स्पष्टीकरण की कमी साफ दिखाई दी।
जांच कमेटी बनी, पर नतीजा सिफर
घोटाले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने एक जांच कमेटी का गठन किया था। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी इस कमेटी की ओर से कोई ठोस रिपोर्ट सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, कमेटी की कार्यप्रणाली और निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे इस मामले में और संदेह गहरा गया है।
करप्शन के रावण के हजार चेहरे
इस घोटाले ने भ्रष्टाचार के कई चेहरों को उजागर किया है। ऑपरेशन रावण के तहत सामने आए तथ्य बताते हैं कि यह महाघोटाला कई स्तरों पर फैला हुआ था। सरकारी योजनाओं के नाम पर धन की बंदरबांट, अनुबंधों में गड़बड़ी, और अधिकारियों की मिलीभगत ने इस घोटाले को और जटिल बना दिया। इस खुलासे ने जनता के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



