
एक मंच, 11 राज्य, सैकड़ों कहानियां: लखपति दीदी कार्यशाला में दिखी नारी शक्ति
रायपुर में लखपति दीदी कार्यशाला का भव्य आयोजन
रायपुर, छत्तीसगढ़ में 9 से 11 जुलाई 2025 तक आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला “लखपति दीदी पहल” ने ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। इस कार्यशाला में 11 राज्यों के प्रतिनिधियों, मिशन संचालकों, आजीविका विशेषज्ञों और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह मंच नारी शक्ति की प्रेरणादायक कहानियों, रणनीतियों और नवाचारों का गवाह बना।
कौशल विकास और वित्तीय समावेशन पर जोर
कार्यशाला में कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नवीन रणनीतियों पर चर्चा की। ओडिशा की स्टेट डेलिगेशन ने जय जगन्नाथ SHG और सुभद्रा शक्ति के माध्यम से तकनीकी कौशल और प्रभावी मार्केटिंग रणनीतियों पर आधारित प्रस्तुति दी, जिसने सभी को नई दिशा प्रदान की।
छत्तीसगढ़ की दीदियों ने साझा की सफलता की कहानियां
कार्यशाला के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आई लखपति दीदियों ने अपनी उद्यमशीलता की यात्रा और सफलता की कहानियां साझा कीं। इन कहानियों में सिलाई, पेपर प्लेट निर्माण जैसे छोटे व्यवसायों से लेकर बड़े पैमाने पर उद्यमिता तक की प्रेरणादायक यात्रा शामिल थी। इन महिलाओं ने बताया कि कैसे लखपति दीदी योजना ने उनके जीवन को बदला और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया।
लखपति दीदी योजना: महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण
लखपति दीदी योजना, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की वार्षिक आय कम से कम 1 लाख रुपये सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण और कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। अब तक 1 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं, और सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का है।
सामूहिक प्रयासों का मंच
कार्यशाला में 11 राज्यों की भागीदारी ने सामूहिक प्रयासों की ताकत को दर्शाया। ग्रामीण विकास मंत्रालय और दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर नई रणनीतियों और सहयोग के अवसरों की खोज की। यह कार्यशाला ग्रामीण भारत में एक मौन क्रांति का प्रतीक बनी, जहां महिलाएं सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को तोड़ रही हैं।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



