
Odisha तट पर सुरक्षा अभ्यास ‘सागर कवच-2’ आयोजित किया गया
पिछले दिनों ओडिशा तट पर एक बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभ्यास ‘सागर कवच-2’ का आयोजन किया गया। यह अभ्यास 3 और 4 सितंबर 2025 को परादीप में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, समुद्री पुलिस, वन एवं मत्स्य विभाग, परादीप बंदरगाह प्राधिकरण, ओडिशा पुलिस, सीमा शुल्क और अन्य संबंधित केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी को मजबूत करना था।

अभ्यास का उद्देश्य और भागीदारी
‘सागर कवच-2’ अभ्यास का आयोजन भारतीय नौसेना के निर्देशन में किया गया, जिसमें करीब 100 समुद्री मील के दायरे में गहन समुद्री गश्त की गई। इस अभ्यास में परादीप बंदरगाह, अजंता, ओडिशा पुलिस, वन्यजीव विभाग और अग्निशमन सेवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास में 18 केंद्र सरकार और राज्य सरकार की एजेंसियों ने मिलकर काम किया, जिससे समन्वित प्रयासों से समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके।
प्रमुख गतिविधियाँ
अभ्यास के दौरान विभिन्न नौसैनिक और तटीय गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। इसमें समुद्री डकैती, नशीली दवाओं की तस्करी, और अवैध मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने की रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया गया। साथ ही, तटीय क्षेत्रों में संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बचाव और राहत अभियानों का भी अभ्यास किया गया। इस दौरान भारतीय नौसेना के युद्धपोत, तटरक्षक बल की नौकाएं, और समुद्री पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से संचालन किया।
परिणाम और प्रभाव
अभ्यास के समापन के बाद अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान प्राप्त अनुभव और साझा रणनीति से भविष्य में समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी। इस अभ्यास ने न केवल तटीय रक्षा बलों की तत्परता को बढ़ाया, बल्कि विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को भी मजबूत किया। ओडिशा तट, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य और आर्थिक महत्व के लिए जाना जाता है, के लिए यह अभ्यास एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

भविष्य के लिए संदेश
‘सागर कवच-2’ अभ्यास ने यह संदेश दिया कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों का एकजुट प्रयास जरूरी है। यह अभ्यास न केवल ओडिशा तट की सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक होगा, बल्कि पूरे भारतीय तटीय क्षेत्र की रक्षा के लिए भी एक मिसाल कायम करेगा। आने वाले समय में ऐसे अभ्यासों को और विस्तार देकर समुद्री सीमाओं की निगरानी को और सशक्त बनाने की योजना है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



