
ओडिशा के बालेश्वर कॉलेज में छात्रा की आत्मदाह की कोशिश, यौन शोषण का गंभीर आरोप
14 जुलाई , 25
ओडिशा के बालेश्वर जिले में स्थित फकीर मोहन स्वायत्त महाविद्यालय में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बी.एड. की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने कॉलेज परिसर में खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। छात्रा ने शिक्षा विभाग के प्रमुख (HOD) समीर कुमार साहू पर यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया था। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश फैला दिया है, और छात्रों व स्थानीय लोगों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
छात्रा की हालत गंभीर, AIIMS भुवनेश्वर में इलाज जारी
छात्रा, जिसने आत्मदाह की कोशिश की, 90% से अधिक जलने के कारण गंभीर हालत में है। उसे तुरंत बालेश्वर जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे AIIMS भुवनेश्वर में स्थानांतरित कर दिया गया। AIIMS के निदेशक डॉ. अशुतोष बिस्वास ने बताया कि अगले 24 घंटे छात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान दो पुरुष छात्र, जो उसे बचाने की कोशिश में जख्मी हो गए, उनका भी इलाज चल रहा है।
HOD समीर साहू गिरफ्तार, प्रिंसिपल दिलीप घोष निलंबित
घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए, बालेश्वर पुलिस ने आरोपी HOD समीर कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया और उसे अदालत में पेश किया गया। दूसरी ओर, ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप कुमार घोष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, क्योंकि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफलता दिखाई। निलंबन आदेश में कहा गया कि घोष ने मामले को ठीक से नहीं संभाला, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई।
कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, छात्रों का विरोध
छात्रा ने 30 जून को कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) में समीर साहू के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना अचानक नहीं हुई; पिछले छह महीनों से छात्रा को प्रताड़ित किया जा रहा था। ABVP के राज्य संयुक्त सचिव सुभ्रा सम्बित नायक ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में कई छात्रों ने समीर साहू के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। इस घटना के बाद छात्रों ने कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
सरकार का जवाब, जांच समिति का गठन
इस घटना ने ओडिशा में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। विपक्षी दलों, जैसे बीजू जनता दल (BJD) और कांग्रेस, ने राज्य की BJP सरकार पर छात्रों की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया है। उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें वरिष्ठ महिला अधिकारी और एक अन्य कॉलेज के प्रिंसिपल शामिल हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवार का दर्द, पिता ने लगाए गंभीर आरोप
छात्रा के पिता बलराम बिसी ने कॉलेज प्रशासन और HOD समीर साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और शिकायत वापस लेने के लिए धमकियां दी गईं। पिता ने दावा किया कि साहू ने उनकी बेटी को छह साल तक बैक लॉग की धमकी दी थी। उन्होंने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया, सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बालेश्वर के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने इस घटना को “बर्बर” करार दिया और कहा कि उन्होंने पहले ही प्रिंसिपल को साहू को अनिवार्य अवकाश पर भेजने की सलाह दी थी, जिसे नजरअंदाज किया गया। विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि पीड़िता को हर स्तर पर न्याय से वंचित रखा गया। छात्र संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने भी इस मामले में त्वरित न्याय और संस्थागत सुधारों की मांग की है।
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