
Nude Party का नशा: छत्तीसगढ़ में 200 Crore की जीएसटी चोरी का राज
रायपुर (छत्तीसगढ़), 6 अक्टूबर 2025
नेतागिरी करने वाले भूतपूर्व नेताओं को पैसे की इतनी भूख होती है कि वे पैसे के लिए अपनी मां, पिता, बेटी, बहन या बहू को भी दांव पर लगा सकते हैं। ऐसे कलंक की कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां राजनीतिक महत्वाकांक्षा और लालच ने पारिवारिक मूल्यों को ताक पर रख दिया। उदाहरण के लिए, 2018 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कई ऐसे नेता सामने आए, जो पिछले 15 सालों से सत्ता से बाहर थे और बड़े नेताओं के पिछलग्गू बनकर रैलियां और जुलूस आयोजित कर भीड़ इकट्ठा करने का काम करते थे। इनसे उनके घर का खर्च चलता था। लेकिन सरकार बनते ही ये भूतपूर्व नेता सत्ता के फार्म में शामिल हो गए और पैसे की भूख में नए-नए तरीके अपनाने लगे।

इन नेताओं ने रैलियों और जुलूसों में भीड़ जुटाने के आईडिया को कमाई का जरिया बना लिया। मंत्रालय, रसूखदार रोडसी (सड़कें) और अधिकारियों को हमेशा के लिए अपने कब्जे में करने के लिए वे होटलों, क्लबों और फार्महाउसों में नई पार्टियों का आयोजन करने लगे। यह सिलसिला तब से चल पड़ा, जब से ये नेता सत्ता के करीब आए। लेकिन इन पार्टियों के पीछे एक बड़ा खेल है – जीएसटी चोरी का। नेता और अधिकारियों के व्यसन (नशे की आदतें) गुप्त रहते हैं, लेकिन ये व्यसन इन्हें अवैध कमाई की ओर धकेलते हैं।
नंगा नाच: होटल, क्लब और फार्महाउस में जीएसटी की लूट
राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों और कस्बों में शनिवार और रविवार को विकेंड पर होने वाली इन पार्टियों में होटल, क्लब और फार्महाउस मालिकों ने जमकर जीएसटी की चोरी की है। जानकारी के मुताबिक, राजधानी के होटलों में विकेंड पार्टियां तूफानी तरीके से आयोजित की जाती हैं, जहां जीएसटी सहित अन्य संबद्धित विभागों के बड़े अफसरों और मंत्रियों को मेहमान बनाकर आमंत्रित किया जाता है। इन पार्टियों में नंगा नाच (खुलेआम अवैध गतिविधियां) चलता है, जहां बारिश के मौसम में भी रेनी पार्टियां आयोजित की जाती हैं और जीएसटी सिस्टम की धज्जियां उड़ा दी जाती हैं।

राजधानी के बड़े नामचीन होटलों के साथ क्लबों और फार्महाउसों में जनकर फरमाइशी हसीनाओं (बार डांसरों) ने उन्माद का जलवा बिखेरा, जिससे होटल, क्लब और फार्महाउस मालिक मालामाल हो गए। लेकिन इस कमाई के पीछे जीएसटी चोरी का बड़ा रैकेट चल रहा है। क्लब, होटल और फार्महाउस इवेंट आयोजक हर महीने 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की जीएसटी चोरी कर शासन को बड़ी हानि पहुंचा रहे हैं। इन पार्टियों में काली कमाई को सफेद करने का सबसे बड़ा तरीका क्लब और फार्महाउस बन गए हैं। शराब, नशे के सामान और मनोरंजन के नाम पर ये इवेंट आयोजित होते हैं, लेकिन आबकारी कर, जीएसटी या मनोरंजन कर का भुगतान नहीं किया जाता।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



