
NTPC सिपत में काम के दौरान ठेका मजदूर की दर्दनाक मौत,
छत्तीसगढ़। 30 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले स्थित एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) सिपत थर्मल पावर प्लांट में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें एक ठेके पर काम करने वाले मजदूर की अचानक मौत हो गई। यह घटना प्लांट के कर्मचारियों में हड़कंप मचा देने वाली साबित हुई, क्योंकि यह कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर सवाल खड़े कर रही है। मृतक मजदूर की पहचान अमृत लाल साहू के रूप में हुई है, जो ग्राम कुली के निवासी थे। वे ईएमडी एजेंसी पीके त्रिपाठी के माध्यम से एनटीपीसी में ठेके पर कार्यरत थे।
घटना का पूरा विवरण
सुबह के समय, जब अमृत लाल साहू अपने तीन साथी मजदूरों के साथ टीपी-5 (बंकर फ्लोर) पर काम के लिए जा रहे थे, तभी अचानक उन्हें चक्कर आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे चलते-चलते कांपने लगे और जमीन पर गिर पड़े। साथी मजदूरों ने तुरंत उन्हें संभाला और प्लांट के अंदरूनी अस्पताल में ले जाया। वहां चिकित्सकों ने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) जैसे प्राथमिक उपचार दिए, लेकिन अमृत लाल को बचाया नहीं जा सका। मौत की आधिकारिक पुष्टि एनटीपीसी सिपत अस्पताल में ही हो गई।
एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) लग रहा है। हालांकि, सटीक कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यह घटना प्लांट के बंकर क्षेत्र में हुई, जहां उच्च तापमान और धूल-मिट्टी के कारण मजदूरों को अक्सर स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ता है। प्रत्यक्षदर्शी साथियों ने बताया कि अमृत लाल पिछले कुछ दिनों से थकान की शिकायत कर रहे थे, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

मजदूर का पारिवारिक पृष्ठभूमि और संघर्ष
अमृत लाल साहू (उम्र लगभग 45 वर्ष) एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। ग्राम कुली, जो बिलासपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटा सा गांव है, वहां के अधिकांश युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोग जैसे ही एनटीपीसी जैसे बड़े औद्योगिक इकाइयों में ठेके पर काम करने को मजबूर होते हैं। अमृत लाल की पत्नी और तीन बच्चों (दो बेटियां और एक बेटा) पर अब आर्थिक बोझ टूट पड़ा है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि अमृत लाल सुबह जल्दी उठकर काम पर जाते थे और शाम को थकान के बावजूद परिवार की जिम्मेदारियां निभाते थे। वे गांव में एक छोटा सा खेत भी संभालते थे, लेकिन एनटीपीसी का काम ही उनका मुख्य आय का स्रोत था। इस हादसे से परिवार सदमे में है, और पड़ोसियों ने बताया कि अमृत लाल हमेशा हंसमुख और मेहनती इंसान थे।
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