
Noida में किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज: पटवारी, इंजीनियरों और पुलिसकर्मियों पर FIR, एक सिपाही निलंबित, जांच तेज
नोएडा, 13 सितंबर 2025 उत्तर प्रदेश के नोएडा में किसानों की जायज मांगों को दबाने के लिए प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से हुए बर्बर लाठीचार्ज ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर जानलेवा हमला करने के आरोप में नोएडा अथॉरिटी के दो जूनियर इंजीनियरों, एक पटवारी, एक सुपरवाइजर और दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, जबकि किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को तुरंत सजा नहीं मिली तो बड़ा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।

घटना का पूरा विवरण: शांतिपूर्ण धरना बना खूनी खेल
यह घटना नोएडा के सेक्टर-6 स्थित नोएडा अथॉरिटी कार्यालय के बाहर घटी, जहां 81 प्रभावित गांवों के सैकड़ों किसान अपनी जमीन अधिग्रहण से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। किसानों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से मुआवजे की बढ़ोतरी, आबादी भूखंडों का आवंटन, भूमि अधिग्रहण की पारदर्शी प्रक्रिया और प्रभावित परिवारों को रोजगार व पुनर्वास पैकेज की मांग कर रहे हैं। इन मांगों में मुख्य रूप से भूमिहीन किसानों को 120 वर्ग मीटर के भूखंड, बाजार दर का चार गुना मुआवजा, 20 प्रतिशत आबादी भूखंड और फैक्टरियों में स्थानीय रोजगार शामिल हैं।
किसान नेता सुखवीर खलीफा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान परिषद) ने बताया, “हमारा प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। हम अथॉरिटी गेट पर ताला लगाकर अपनी मांगों का ध्यानाकर्षण कर रहे थे, लेकिन अचानक नोएडा अथॉरिटी के कर्मचारी और पुलिसकर्मी बिना किसी चेतावनी के लाठीचार्ज पर उतर आए। उन्होंने हमें जान से मारने की नीयत से पीटा, जिसमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे। कई किसान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।” घटना के दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

आरोपी पक्ष में नोएडा अथॉरिटी के जूनियर इंजीनियर निखिल और विनीत, पटवारी मुकुल, सुपरवाइजर मनीष, अथॉरिटी में तैनात सिपाही रहीसुद्दीन और पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि ये सभी मिलकर लाठीचार्ज का नेतृत्व कर रहे थे और उन्होंने किसानों पर ‘बर्बरता’ दिखाई। एक घायल किसान ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “पटवारी मुकुल और सुपरवाइजर मनीष ने हमें गालियां दीं और कहा कि ‘तुम्हारी जमीनें तो हमारी हैं, चुपचाप चले जाओ’। सिपाही रहीसुद्दीन ने तो सीधे सिर पर लाठी मारी, जिससे खून बहने लगा।”
FIR और तत्काल कार्रवाई: सिपाही निलंबित, जांच के आदेश
किसानों की तहरीर पर थाना सेक्टर-20 पुलिस ने IPC की धारा 147 (दंगा भड़काना), 323 (मारपीट), 504 (जाति-धर्म के आधार पर अपमान) और 506 (धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सबसे बड़ी कार्रवाई सिपाही रहीसुद्दीन पर हुई, जिसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने कहा, “मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। एक एसएसपी-स्तरीय अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। दोष सिद्ध होने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। हम किसानों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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