निवेश नहीं तो सीआर खराब: Chhattisgarh सरकार का कलेक्टरों को सख्त आदेश
रायपुर, 29 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। मुख्य सचिव अमित जैन की ओर से जारी एक महत्वपूर्ण निर्देश में सभी जिला कलेक्टरों को स्पष्ट फरमान दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में निवेश आकर्षित करने के लिए सक्रिय प्रयास करें, वरना उनकी वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (सीआर) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह निर्देश राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत आया है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को निवेशकों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
नई औद्योगिक नीति का दौर: निवेश का नया युग
छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति, जो दिसंबर 2024 में लागू हुई, ने राज्य को स्टील और लौह अयस्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर सेमीकंडक्टर, बांस पार्क, फूड प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। नीति के एक महीने के भीतर ही राज्य को 15,184 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, लेकिन सरकार का मानना है कि जिला स्तर पर अधिक सक्रियता की जरूरत है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट’ कार्यक्रम में कहा था, “छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा। हम वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बना रहे हैं।” इस कार्यक्रम में ही 3,119 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें हेल्थकेयर के लिए 2,466 करोड़ और पर्यटन के लिए 652 करोड़ शामिल हैं। लेकिन इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों पर है, और यहीं से यह नया फरमान आया है।
फरमान की बारीकियां: लक्ष्य और दंड
निर्देश के अनुसार, प्रत्येक जिला कलेक्टर को अगले वित्तीय वर्ष में कम से कम 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने का लक्ष्य दिया गया है। यह लक्ष्य जिले के आकार, संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर निर्धारित किया गया है। उदाहरण के लिए, रायपुर और दुर्ग जैसे औद्योगिक हब वाले जिलों के लिए लक्ष्य 1,000 करोड़ से अधिक हो सकता है, जबकि बस्तर या सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल जिलों में पर्यटन और कृषि-आधारित निवेश पर फोकस होगा।
कलेक्टरों को मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें निवेशकों से मुलाकातें, प्रोजेक्ट प्रस्ताव और भूमि आवंटन की प्रगति शामिल होगी। यदि लक्ष्य पूरा न होने पर, उनकी सीआर में ‘निवेश आकर्षण’ पैरामीटर को नकारात्मक अंक दिए जाएंगे, जो प्रमोशन और ट्रांसफर पर असर डाल सकता है। मुख्य सचिव ने कहा, “यह कोई सजा नहीं, बल्कि प्रोत्साहन है। अच्छे प्रदर्शन पर विशेष पुरस्कार और अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।”
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