
NIA ने डी गैंग के सदस्य की संपत्ति जब्त की, 2015 भरूच डबल मर्डर का आरोपी
जांच में नया मोड़
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2015 में गुजरात के भरूच में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर मामले में एक बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में डी गैंग के एक प्रमुख सदस्य और आरोपी की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। यह हत्याएं, जिसमें बीजेपी के दो नेताओं, शिरीष बंगाली और प्रज्ञेश मिस्त्री की हत्या हुई थी, एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का हिस्सा मानी गई थीं। एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, यह साजिश डी कंपनी द्वारा साम्प्रदायिक तनाव को भड़काने के लिए रची गई थी।
आतंकी साजिश का खुलासा

एनआईए की जांच में पता चला कि डी गैंग ने हिंदू नेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, जो 2002 के गुजरात दंगों में कथित रूप से शामिल थे। इस साजिश में विदेशी साजिशकर्ताओं, विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान में बसे लोगों का हाथ था। एनआईए ने दस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें इनायत पटेल, मोहम्मद यूनुस और आबिद पटेल शामिल थे। इन आरोपियों ने धन और विदेश में नौकरी के लालच में इस आतंकी कृत्य को अंजाम दिया।
संपत्ति जब्ती की कार्रवाई
हाल ही में एनआईए ने आरोपी की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई तेज की है। यह कदम आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने और डी गैंग के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में उठाया गया है। जब्त की गई संपत्ति में अचल संपत्ति और अन्य मूल्यवान परिसंपत्तियां शामिल हैं। एनआईए का कहना है कि यह कार्रवाई भविष्य में ऐसी साजिशों को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
एनआईए अब इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश में है और विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। गुजरात एटीएस ने पहले ही इस मामले में पाकिस्तान की आईएसआई और जावेद दाऊद उर्फ जावेद चिकना की भूमिका का संदेह जताया था। जांच एजेंसी का लक्ष्य इस साजिश के पीछे के पूरे नेटवर्क को उजागर करना है।
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