
Chhattisgarh में फौजी मर्डर केस: NIA ने दायर की Supplementary chargesheet, 5 माओवादियों को बनाया आरोपी
रायपुर, 30 अगस्त 2025: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में फरवरी 2023 में भारतीय सेना के जवान मोतीराम अचला की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच माओवादी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की है। यह चार्जशीट जगदलपुर की विशेष NIA अदालत में दायर की गई है, जिसमें पांचों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC), शस्त्र अधिनियम, और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

मोतीराम अचला की हत्या: एक सुनियोजित साजिश
फरवरी 2023 में कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव में एक मेले के दौरान भारतीय सेना के हवलदार मोतीराम अचला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मोतीराम अपने परिवार से मिलने अपने गांव आए थे, जब प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के सशस्त्र कैडर ने उनकी टारगेट किलिंग को अंजाम दिया। NIA की जांच में इस हत्या को एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा पाया गया, जिसका मकसद क्षेत्र में दहशत फैलाना था।

पांच माओवादी कार्यकर्ता बनाए गए आरोपी
NIA ने इस मामले में जिन पांच माओवादियों को आरोपी बनाया है, उनके नाम भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, अंदूराम सलाम, और सोनू हेमला हैं। जांच में सामने आया कि ये सभी भाकपा (माओवादी) की कुयेमारी एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य थे। इनमें से भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, और अंदूराम सलाम ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में काम कर रहे थे, जबकि सोनू हेमला एक सशस्त्र कैडर था। इन्होंने मिलकर मोतीराम अचला की पहचान की और उनकी हत्या की साजिश को अंजाम दिया।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले, NIA ने इस मामले में जून 2024 में एक अन्य माओवादी, आशु कोरसा, के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। आशु कोरसा को पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था, और वह भी कुयेमारी एरिया कमेटी का सक्रिय सशस्त्र कैडर था। NIA ने 29 फरवरी 2024 को स्थानीय पुलिस से इस मामले को अपने हाथ में लिया था और गहन जांच के बाद इन आरोपियों को पकड़ा गया।
माओवादियों के खिलाफ NIA की सख्ती
NIA की जांच से पता चला कि ये आरोपी न केवल हत्या की साजिश में शामिल थे, बल्कि माओवादी संगठन को लॉजिस्टिक सपोर्ट और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति भी कर रहे थे। एजेंसी ने इस साल मार्च में इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। NIA का कहना है कि ये कार्रवाई माओवादी संगठनों के आतंकी नेटवर्क को तोड़ने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जांच अभी भी जारी
NIA ने इस मामले में अपनी जांच को और गहरा करने का फैसला किया है। एजेंसी का कहना है कि माओवादियों के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए वह लगातार काम कर रही है। इस हत्या के पीछे और भी लोगों की संलिप्तता की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, और NIA इस दिशा में अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर लगाम
छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षाबलों और NIA की कार्रवाइयों से संगठन को काफी नुकसान पहुंचा है। हाल ही में नारायणपुर जिले में हुए एक ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराया गया था, जिसमें एक करोड़ रुपये से अधिक का इनामी नक्सली नेता बसवा राजू भी शामिल था।
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