
NHM कर्मियों को नहीं मिला दो माह का वेतन, हड़ताल के बाद भी आर्थिक संकट का सामना कर रहे कर्मी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मियों को दो माह का वेतन अभी तक नहीं मिला है, जिससे वेगहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में करीब 33 दिन तक चले एक महीने से अधिक की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद भी कर्मचारी अगस्त और सितंबर महीने का वेतन नहीं प्राप्त कर पाए हैं। सरकारी वादों के बावजूद वेतन भुगतान नहीं हुआ है, जिससे त्योहारी सीजन में कर्मचारियों के परिवारों को भारी कठिनाइयां हो रही हैं, और दशहरा-दीपावली के उत्सव पर भी असर पड़ा है। अधिकांश कर्मचारियों के पास त्योहारों के लिए नए कपड़े या आवश्यक खर्च करने के लिए पैसे तक नहीं हैं।

सरकार और कर्मचारी संघ के बीच संविलियन, नियमितीकरण तथा वेतन वृद्धि समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बातचीत हुई थी। सरकार ने कुछ मांगों पर सहमति दी, लेकिन संविलियन और नियमितीकरण को छोड़कर बाकी पर अभी भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हड़ताल खत्म हुए 10 दिनों से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मई के महीने का वेतन भी रुका हुआ है। कर्मचारियों को हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान का वादा तो मिला, पर अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है।

25 कर्मचारियों की बर्खास्तगी और संविदा कर्मियों के सामूहिक इस्तीफे की भी खबरें आई हैं, जो कर्मचारियों की स्थिति को और भी जटिल बना रही हैं। सरकार की ओर से हड़ताल खत्म कराने के बाद भी कैबिनेट में एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर कोई चर्चा नहीं हुई, जिससे उनकी चिंता बनी हुई है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में लगभग 16,000 संविदा कर्मचारी प्रभावित हैं, जिनमें नर्स, कंप्यूटर ऑपरेटर और चिकित्सक जैसे कर्मचारी शामिल हैं।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारी वेतन भुगतान प्रणाली में तकनीकी बदलाव के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है, जिस पर समाधान के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, और कर्मचारी संघ ने सरकार को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की है। इस आर्थिक संकट से कर्मचारी मानसिक तनाव और मजबूरी में हैं, क्योंकि वेतन न मिलने से परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करना कठिन हो रहा है।
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