
NHAI ने गुजरात में भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू करने के लिए समझौता किया
राष्ट्रीय उच्च गति अवसंरचना प्राधिकरण (NHAI) ने भारत के पहले मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम को गुजरात में लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण अनुबंध समझौता किया है। यह योजना देश में टोलिंग के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगी, जिससे टोल बूथ पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा और इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण के माध्यम से यातायात सुचारू रूप से आगे बढ़ेगा।

MLFF टोलिंग सिस्टम क्या है?
मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम का मकसद है बिना किसी रुकावट के टोल बूथ से गुजरना। इस तकनीक में वाहनों को रोककर टोल लेने की बजाय, FASTag के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए टोल शुल्क का संग्रहण किया जाएगा। इससे टोल बूथ पर लंबी कतारों और समय की बर्बादी दोनों से मुक्ति मिलेगी।
पहली बारी मुक्त टोल प्लाजा: चोरासी फी प्लाजा
गुजरात के चोरासी फी प्लाजा को देश का पहला बारियर-फ्री टोल प्लाजा बनाया जाएगा, जहां MLFF सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया जाएगा। यहां वाहनों को किसी भी तरह से रुकना नहीं होगा और टोल शुल्क का भुगतान स्वतः ही इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो जाएगा।

उपयोग और फायदे
- पारदर्शिता: टोल संग्रहण में कमी होगी और फ्रॉड की संभावना घटेगी।
- समय की बचत: वाहनों को टोल बूथ पर रोकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
- ईंधन की बचत: वाहनों के रुकने-चलने के दौर से बचाव होगा, जिससे ईंधन की खपत भी कम होगी।
- पर्यावरण संरक्षण: उत्सर्जन कमी के कारण पर्यावरण को लाभ मिलेगा।
आगे की योजनाएं
NHAI की योजना है कि इस सफल मॉडल को और अन्य प्रमुख टोल प्लाजाओं पर भी विस्तार दिया जाए ताकि पूरे देश में टोलिंग प्रक्रिया को द्रुत और सुविधाजनक बनाया जा सके। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा का अनुभव और बेहतर होगा।
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