
Nepal में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच Jail Break की भयावह घटनाएं
नेपाल के विभिन्न जिलों में चल रहे जन आक्रोश और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान जेलों से कैदियों के बड़े पैमाने पर पलायन की घटनाएं हुई हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बीरगंज, कपिलवस्तु, झुमका, पोखरा, महोतरी, काठमांडू जैसे कई स्थानों की जेलों पर हमला किया और कैदियों को छोड़ने के लिए गेट तोड़ दिए।

कपिलवस्तु जेल से 459, महोतरी जेल से 576, पोखरा जेल से 900 और झुमका जेल से लगभग 1500 कैदी फरार हो गए, जिन्हें पकड़ना स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इन फरार कैदियों में पूर्व राज्य मंत्री संजय कुमार साह, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने समेत कई राजनीतिक और आपराधिक नेता भी शामिल हैं।
नेपाल सरकार ने देशभर में कर्फ्यू लगाया है और सेना को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है। कई सरकारी भवनों को आग के हवाले कर दिया गया है, जिसमें संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन सरकार के विरोध में प्रदर्शन व हिंसा जारी हैं।
इस बड़े संकट का भारत पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त सशस्त्र बल तैनात कर सीमा सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ को रोका जा सके। भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी अलर्ट जारी है।

नेपाल में जारी इस सामाजिक-राजनीतिक उथलपुथल और जेलब्रेक की घटनाएँ स्थिरता व सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है ताकि दोनों देशों की जनता की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित की जा सके।
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