
नेपाल के खुले बॉर्डर से तस्करी का घिनौना खेल: 45 बोरी हड्डियों का चूरा बरामद, तीन गिरफ्तार
बहराइच, 24 जून 2025: भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रविवार (22 जून 2025) को थाना मोतीपुर क्षेत्र के बलईगांव/सुबरातीपुरवा बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने नेपाल से हड्डियों का चूरा तस्करी कर ला रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मेराज पुत्र वारिस, नसरुद्दीन पुत्र मुनाफ, और परवेज खान पुत्र मुख्तार खान के रूप में हुई है। उनके कब्जे से 45 बोरी हड्डियों का चूरा बरामद किया गया है।
हड्डियों की तस्करी का रहस्य: किसके लिए और कहां से आए कंकाल?
पुलिस के मुताबिक, बरामद हड्डियों का चूरा किसका है और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हड्डियों को नेपाल से भारत लाया जा रहा था, लेकिन इसका उपयोग और स्रोत अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये हड्डियां मानव की हैं या पशुओं की, और इन्हें किन उद्देश्यों के लिए तस्करी की जा रही थी।

पुलिस की सघन कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक बहराइच के निर्देश पर अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी और क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा हर्षिता तिवारी के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष आनंद कुमार चौरसिया के नेतृत्व में गठित टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम में उपनिरीक्षक कमलेंद्र प्रताप सिंह, शिवेश कुमार शुक्ला, हेड कांस्टेबल शैलेंद्र यादव, राजेश गिरी, और कांस्टेबल राम आशीष चौरसिया शामिल थे।
कानूनी कार्रवाई शुरू
बरामद हड्डियों के संबंध में कस्टम विभाग और वन विभाग को सूचित कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपियों के खिलाफ थाना मोतीपुर में मुकदमा संख्या 325/25 के तहत धारा 281 भारतीय दंड संहिता, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207/184 के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच में जुटी पुलिस
यह मामला नेपाल के खुले बॉर्डर से होने वाली तस्करी की गंभीरता को उजागर करता है। पुलिस इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि यह तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन-कौन शामिल हैं। हड्डियों की तस्करी का यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि मानवीय और नैतिक दृष्टिकोण से भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच के नतीजों का इंतजार है, जो इस घिनौने अपराध के पीछे के सच को उजागर करेगा।
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