
नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5 लाख की ठगी, अपराध दर्ज
रायपुर। छत्तीसगढ़ बीज निगम में सचिव पद पर शासकीय नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम जोरा निवासी और वर्तमान में शासकीय कृषि महाविद्यालय जगदपुर में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत सुमित महिलांगे ने तेलीबांधा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में राधा कश्यप और निशिकांत बेदालकर पर संगठित रूप से धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
अतिथि शिक्षकों को नौकरी का लालच
शिकायतकर्ता सुमित महिलांगे (32 वर्ष) ने बताया कि वर्ष 2024 में वे नारायणपुर स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय में अतिथि शिक्षक के रूप में पदस्थ थे। उसी दौरान उनके साथ कृष्णा गुप्ता (अंबिकापुर) और मनमोहन बिसेन (सिहावा, नगरी) भी अतिथि शिक्षक थे। अस्थायी नौकरी और कम मानदेय के चलते सभी स्थायी शासकीय नौकरी की तलाश में थे।

पहचान के जरिए पहुंचा ठगी का जाल
इसी दौरान सहकर्मी मनमोहन बिसेन के माध्यम से उनकी पहचान डूमरतरई स्थित हिमालय हाईट्स निवासी राधा कश्यप से हुई। राधा कश्यप ने दावा किया कि उनके परिचित निशिकांत बेदालकर की बड़े अधिकारियों से अच्छी पहचान है और वह छत्तीसगढ़ बीज निगम में सचिव पद पर नौकरी लगवा सकते हैं।
15 लाख में नौकरी का सौदा
26 फरवरी 2024 को सुमित महिलांगे अपने छोटे भाई अमित महिलांगे और सहकर्मी कृष्णा गुप्ता के साथ हिमालय हाईट्स पहुंचे, जहां निशिकांत बेदालकर से मुलाकात हुई। आरोप है कि निशिकांत बेदालकर ने प्रति व्यक्ति 15 लाख रुपये में नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया और एडवांस के तौर पर 5-5 लाख रुपये की मांग की। साथ ही नौकरी न लगने की स्थिति में रकम वापस करने के लिए बिना तारीख का हस्ताक्षरित चेक देने का आश्वासन भी दिया।
ऑनलाइन ट्रांसफर किए 5 लाख रुपये
आरोपियों के भरोसे में आकर सुमित महिलांगे ने अलग-अलग तारीखों में फोन-पे के माध्यम से निशिकांत बेदालकर के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते में कुल 5 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। शिकायत के अनुसार 26 फरवरी से 6 मार्च 2024 के बीच यह रकम कई किस्तों में भेजी गई।
न नौकरी मिली, न समय पर पैसा लौटा
करीब डेढ़ साल बीतने के बावजूद न तो कोई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई और न ही नौकरी दिलाई गई। बार-बार पूछने पर राधा कश्यप टालमटोल करती रही। बाद में निशिकांत बेदालकर ने नौकरी नहीं लग पाने की बात स्वीकार की और रकम लौटाने का आश्वासन दिया।
आंशिक राशि लौटाकर शेष से इनकार
पीड़ित के अनुसार अक्टूबर 2025 में आरोपियों ने आंशिक रूप से करीब 2 लाख रुपये वापस किए, जिसमें निशिकांत बेदालकर और उसके बेटे के खाते से ट्रांसफर शामिल है। हालांकि शेष 3 लाख रुपये लौटाने से दोनों ने साफ इनकार कर दिया और कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में कहा कि “जो करना है कर लो, पैसा नहीं मिलेगा।”
पुलिस जांच में जुटी
सुमित महिलांगे ने तेलीबांधा थाना प्रभारी से मामले में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और शेष रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर नौकरी दिलाने के नाम पर हो रही ठगी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है।
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