
नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ सरकार वापस लेगी मामले
छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल उन्मूलन और मुख्यधारा में पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने घोषणा की है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष समितियाँ गठित की जाएंगी।
जिला स्तर पर बनेगी समीक्षा समिति
सरकार के अनुसार, प्रत्येक जिले में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जो आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों की सूक्ष्म समीक्षा करेगी। समिति यह तय करेगी कि किन मामलों को वापस लिया जा सकता है। सामाजिक पुनर्वास, सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं को मद्देनज़र रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। यह कदम नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने और युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
14 कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव
प्रेस विज्ञप्ति में राज्य सरकार ने यह भी बताया कि 14 विभिन्न कानूनों में संशोधन के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, सुशासन को मजबूत करना और जनता को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
2025-26 का अनुपूरक बजट अनुमान होगा पेश
सरकार आगामी विधानसभा सत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट (Supplementary Estimate) भी पेश करेगी। यह अनुमान उन योजनाओं और नई नीतिगत पहलों के लिए होगा जिन्हें अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति की आवश्यकता है।
शांति और विकास की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
राज्य सरकार का मानना है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को राहत देने, कानूनी संशोधन करने और वित्तीय प्रावधानों को मजबूत करने से प्रदेश में विकास की गति बढ़ेगी। यह पहल नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों को नई दिशा दे सकती है।



