
NAI की बड़ी कार्रवाई: शहरी नक्सली नेटवर्क पर प्रहार, 3 नक्सली गिरफ्तार
रायपुर, 28 सितंबर 2025: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन के शहरी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। हाल ही में रायपुर में गिरफ्तार नक्सली दंपती जग्गू कुरसम उर्फ रवि उर्फ रमेश (28 वर्ष, 8 लाख रुपये का इनाम) और कमला कुरसम (27 वर्ष, 5 लाख रुपये का इनाम) से प्राप्त इनपुट्स के आधार पर एजेंसी ने शहरी इलाकों में सक्रिय तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों के बाद 27 सितंबर को बिलासपुर की स्पेशल एनआईए कोर्ट में तीनों को पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया। मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच और गहन पूछताछ से नेटवर्क के कई राज खुलने लगे हैं।

गिरफ्तारी का पूरा विवरण
गिरफ्तार नक्सलियों में कोरबा जिले के रामा ईचा प्रमुख हैं, जो एक कोयला खदान में काम करते हुए मजदूर संगठनों के माध्यम से नेटवर्क फैला रहे थे। रामा ईचा का जग्गू-कमला दंपती से गहरा संबंध था। वे रायपुर में कई बार आ-जा चुके थे और उनके बीच वित्तीय लेन-देन भी होता था, जो नक्सली संगठन को फंडिंग प्रदान करने का माध्यम था। तकनीकी जांच के दौरान दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनकी औपचारिक गिरफ्तारी प्रक्रिया चल रही है। ये तीनों शहरी क्षेत्रों में नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाने, चिकित्सा सुविधा और वित्तीय सहायता का इंतजाम कर रहे थे।
यह कार्रवाई 24 सितंबर को शुरू हुई, जब रायपुर के चंगोराभाठा इलाके से जग्गू और कमला को गिरफ्तार किया गया था। दोनों बीजापुर जिले के गंग्लूर थाना क्षेत्र के सावनार गांव के निवासी हैं और 2010-2014 से नक्सली संगठन से जुड़े हुए हैं। वे पिछले दो महीनों से एक किराए के मकान में मजदूर बनकर रह रहे थे, जहां मकान मालिक हेमंत देवांगन को कोई संदेह नहीं हुआ। दंपती शहर में वीआईपी मूवमेंट, राजनीतिक गतिविधियों, विरोध प्रदर्शनों और बड़े कार्यक्रमों की खुफिया जानकारी इकट्ठा कर वरिष्ठ नक्सली नेताओं को भेज रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से दो मोबाइल फोन, 10 तोला का सोने का बिस्कुट (लगभग 7 लाख रुपये मूल्य), 1 लाख 14 हजार 240 रुपये नकद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। यह सामान नक्सली संगठन के लिए वित्तीय सहायता और लॉजिस्टिक्स के रूप में इस्तेमाल हो रहा था।

पुलिस ने दींदयाल नगर थाने में अपराध संख्या 441/2025 के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 147, 148, 61 और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 17, 18, 19, 20, 38, 39, 40 लगाई गईं। दंपती को भी बिलासपुर की स्पेशल एनआईए कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि जांच को स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) को सौंप दिया गया।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



