
Mysuru दशहरा बानू मुश्ताक करेंगी उद्घाटन
इस बार मैसूर दशहरा के उद्घाटन समारोह में लेखिका बानू मुश्ताक को आमंत्रित किया गया है, जो कर्नाटक सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक वर्चस्व का विषय बना हुआ है। यह निर्णय विवादों के कारण हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

हाईकोर्ट का फैसला और विवाद समाप्ति
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बानू मुश्ताक को दशहरा के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किए जाने के खिलाफ सभी याचिकाओं को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इस मामले में सरकार के फैसले को सही ठहराया और सभी धर्मों के सम्मान पर जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का बयान
हाईकोर्ट के फैसले के बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि संविधान हर धर्म का सम्मान करने का निर्देश देता है। उन्होंने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, “आज न्याय हुआ है,” और इस फैसले को कर्नाटक की धर्मनिरपेक्षता की जीत बताया।

दशहरा महोत्सव की महत्वता
मैसूर दशहरा दस दिनों तक चलता है और यह राज्य का एक प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव है। इस बार की शुरुआत बानू मुश्ताक द्वारा होने से सामाजिक समावेशिता और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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