
मुंबई: विधान भवन में झड़प के बाद बीजेपी, NCP(SP) कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी
मुंबई के विधान भवन में गुरुवार, 17 जुलाई 2025 को बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी (शरद पवार) नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह घटना विधान भवन की लॉबी और मुख्य सीढ़ियों के पास हुई, जहां दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर हमला किया। इस झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
पुलिस की कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 को दो लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान एनसीपी (एसपी) समर्थक नितिन देशमुख और बीजेपी समर्थक रिशिकेश ताकले के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य आरोप शामिल हैं।
विधायकों के बीच तनाव

यह झड़प बुधवार को विधान भवन के प्रवेश द्वार पर पडलकर और आव्हाड के बीच हुए तीखे वाक्युद्ध के एक दिन बाद हुई। आव्हाड ने आरोप लगाया कि पडलकर ने जानबूझकर अपनी कार का दरवाजा जोर से बंद किया, जिससे उन्हें चोट लग सकती थी। इस घटना ने दोनों नेताओं और उनके समर्थकों के बीच तनाव को बढ़ा दिया, जो अगले दिन हिंसक टकराव में बदल गया।
जितेंद्र आव्हाड का विरोध
झड़प के बाद, गुरुवार देर रात नितिन देशमुख की गिरफ्तारी के विरोध में जितेंद्र आव्हाड ने विधान भवन के पीछे के गेट पर धरना दिया। उन्होंने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके समर्थक को पीटा गया, जबकि पडलकर के समर्थकों को संरक्षण दिया जा रहा है। पुलिस ने आव्हाड को जबरन हटाया, जिसके बाद उनके खिलाफ भी सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे विधान भवन की गरिमा के खिलाफ बताया और विधानसभा अध्यक्ष व विधान परिषद सभापति से सख्त कार्रवाई की मांग की। शिव सेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने सुरक्षा उल्लंघन पर सवाल उठाए और पास जारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इस मामले की जांच के लिए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सुरक्षा और राजनीतिक विवाद
इस घटना ने विधान भवन में सुरक्षा व्यवस्था और विधायकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि यह हमला सुनियोजित था और आव्हाड को निशाना बनाने की साजिश थी। वहीं, बीजेपी विधायक पडलकर ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए माफी मांगी और कहा कि वह इस मामले की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं।
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