
Korba : मुआवजा घोटाले में खुशाल-राजेश, SECL अफसरों पर FIR
कोरबा जिले में मुआवजा भुगतान से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। SECL तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हुए करीब 9 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान के मामले में अब प्रमुख आरोपियों खुशाल जायसवाल और राजेश जायसवाल के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।

CBI जांच में उजागर हुआ बड़ा षड्यंत्र
मामले की गहराई से जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि दोनों आरोपियों ने SECL अधिकारियों व राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर आर्थिक आपराधिक षड्यंत्र रचा।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर करोड़ों रुपये का फर्जी मुआवजा जारी कराया गया।
इस तरह किया गया फर्जीवाड़ा
•जमीन स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव
•रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर अतिरिक्त मुआवजा स्वीकृत
•सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी राशि जारी
•सीबीआई की जांच में सामने आए कई संदिग्ध खातों के लेनदेन

कई अधिकारी भी जांच के घेरे में
जांच एजेंसी ने SECL और राजस्व विभाग के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई है।
सीबीआई के अनुसार, कई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी घोटाले की योजना और क्रियान्वयन में शामिल थे। आने वाले दिनों में और नाम सामने आने की संभावना है।
एफआईआर दर्ज, आगे होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने खुशाल जायसवाल और राजेश जायसवाल के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।
जांच आगे बढ़ने पर अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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