
महासमुंद में ‘गुलाब’ से सुरक्षा का पैगाम: सारथी दिवस पर पुलिस ने चालकों को सराहा, नियमों के पालन की दिलाई शपथ
महासमुंद | सड़क पर दिन-रात लोगों को उनकी मंजिल तक पहुँचाने वाले और आपातकाल में जान बचाने वाले वाहन चालकों के सम्मान में आज महासमुंद पुलिस ने एक अनूठी पहल की। “राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026” के तहत आज 24 जनवरी को ‘सारथी दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस मौके पर यातायात पुलिस ने चालकों को दंड के बजाय गुलाब का फूल भेंट कर उनकी सेवाओं की सराहना की।

सम्मान के साथ सुरक्षा का संदेश
जिला मुख्यालय के प्रमुख चौक-चौराहों पर आयोजित इस कार्यक्रम में यातायात विभाग के अधिकारियों और जवानों ने सड़क पर चलने वाले ‘सारथियों’ (चालकों) को रोककर उनका स्वागत किया। एम्बुलेंस चालक, बस ड्राइवर, ऑटो-टैक्सी चालक और कार चालकों को उनकी अनवरत सेवाओं के लिए गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया।
विशेषकर एम्बुलेंस चालकों की सराहना की गई जो समय पर मरीजों को अस्पताल पहुँचाकर जीवन रक्षक की भूमिका निभाते हैं। सम्मान के साथ-साथ पुलिस ने चालकों को यातायात के सुनहरे नियम भी समझाए। उन्हें संकल्प दिलाया गया कि वे सड़क पर दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखेंगे।

पुलिस ने चालकों को दिए ये महत्वपूर्ण निर्देश:
पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को जागरूक करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया
सीट बेल्ट और हेलमेट: वाहन चलाते समय सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य प्रयोग करें।
नशा मुक्त ड्राइविंग: शराब पीकर वाहन चलाना खुद और दूसरों की जान को खतरे में डालना है।
नियंत्रित गति: ‘जल्दी पहुँचने से बेहतर है सुरक्षित पहुँचना’, इसलिए वाहन की गति सीमा में रखें।
घायलों की मदद: सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति की मदद करने के लिए आगे आएं (गुड सेमेरिटन लॉ)।
लेन अनुशासन: गलत दिशा में वाहन न चलाएं और ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करें।

क्यों मनाया गया सारथी दिवस?
महासमुंद यातायात पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि चालकों के भीतर जिम्मेदारी का अहसास जगाना है। पुलिस का मानना है कि यदि वाहन चलाने वाला ‘सारथी’ जागरूक और सम्मानित महसूस करेगा, तो वह सड़क पर अधिक सावधानी और संवेदनशीलता से वाहन चलाएगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
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