
नकली दवाओं के आरोपियों से ‘कैफे’ में मुलाकात पड़ी महंगी, छत्तीसगढ़ एडिशनल ड्रग कंट्रोलर सस्पेंड
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्टाचार और कर्तव्य में लापरवाही के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए सहायक औषधि नियंत्रक (एडिशनल ड्रग कंट्रोलर) संजय कुमार नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। श्री नेताम पर आरोप है कि उन्होंने नकली दवाओं के गंभीर मामले में आरोपियों की मदद करने की कोशिश की और आचरण नियमों का खुला उल्लंघन किया।
कैफे में आरोपियों के साथ ‘सीक्रेट’ मीटिंग
मामला रायपुर के मोतीबाग स्थित ‘टेन कैफे’ (कॉफी हाउस) का है। जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि संजय कुमार नेताम कार्यालयीन समय (दोपहर करीब 2:30 बजे) के दौरान अपने दफ्तर के बजाय कैफे में थे। वहां वे सारंगढ़ निवासी खेमराज बानी और उनकी पत्नी के साथ बैठक कर रहे थे, जो पहले से ही नकली दवाओं (Fake Medicines) के निर्माण और बिक्री के मामले में आरोपी हैं।
सरकारी फाइलें दिखाने का गंभीर आरोप
निलंबन आदेश के अनुसार, श्री नेताम केवल आरोपियों से मिले ही नहीं, बल्कि उन्होंने इस मामले से जुड़ी कार्यालयीन फाइलें भी उन्हें दिखाईं। सरकारी दस्तावेजों को आरोपियों के साथ साझा करना सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है। इस बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी सिंह ठाकुर की उपस्थिति भी पाई गई है। प्रशासन ने उन पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से जशपुर स्थानांतरित कर दिया है।

मीडिया की खबरों के बाद जागा प्रशासन
नकली दवा माफिया और सरकारी अधिकारियों के बीच इस ‘गठजोड़’ की खबरें और कैफे में मुलाकात की तस्वीरें स्थानीय समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनलों पर प्रसारित हुई थीं। मीडिया में मामला आने के बाद राज्य शासन ने इसे गंभीरता से लिया और विभागीय जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की।
जांच में क्या मिला?
- कार्यालयीन समय में निजी कैफे में आरोपियों के साथ पाया जाना।
- संवेदनशील मामलों की फाइलें बाहर ले जाकर संदिग्धों को दिखाना।
यह प्रकरण छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, जिसमें लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
अगली कार्रवाई
निलंबन अवधि के दौरान संजय कुमार नेताम का मुख्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय, रायपुर नियत किया गया है। सरकार अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों को फायदा पहुँचाने के एवज में किसी प्रकार का वित्तीय लेन-देन तो नहीं हुआ है।
👉 हमारे WhatsApp group से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://chat.whatsapp.com/KoD8NZUKKtmFqIxvNmiCwx?mode=gi_t



