
मेडिकल कॉलेजों में NRI-Management कोटे के नाम पर ठगी का खेल, agent सक्रिय
मेडिकल शिक्षा में भ्रष्टाचार का साया देश में मेडिकल शिक्षा से जुड़ा भ्रष्टाचार लगातार सुर्खियों में है।NEET-UG में Dummy Candidates के मामले और निजी मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कई राज्यों में कार्रवाई की। इसके बावजूद, मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश सत्र शुरू होने से पहले ही NRI और Management कोटे के नाम पर एजेंट सक्रिय हो गए हैं। ये एजेंट छात्रों और अभिभावकों को मोटी रकम के बदले सीट पक्की करने का दावा कर रहे हैं।
रावतपुरा कॉलेज में ‘Zero year’ की आशंका, फिर भी बुकिंग
हाल ही में रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में CBI ने छापेमारी की थी, और नए सत्र के लिए इस कॉलेज में ‘zero year’ की संभावना जताई जा रही है। इसके बावजूद, एजेंट एक से सवा करोड़ रुपये में सीट बुक करने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि पांच लाख रुपये एडवांस देने पर सीट पक्की हो जाएगी। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में भी इसी तरह के पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं।
एजेंटों का दावा: ‘पांच लाख में सीट पक्की’
एजेंट ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ के पांच और मध्यप्रदेश के दो निजी कॉलेजों में एक से सवा करोड़ रुपये के पैकेज में सीट मिल सकती है। जब पूछा गया कि सीटें तो काउंसलिंग और मेरिट के आधार पर मिलती हैं, तो एजेंट ने कहा, “पांच लाख एडवांस दीजिए, सीट पक्की समझिए। हमने पिछले सालों में कई छात्रों को प्रवेश दिलाया है।”

रावतपुरा में CBI छापे, फिर भी बुकिंग का दम
रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने के लिए निरीक्षण करने आई नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) की टीम और कॉलेज के तीन-तीन अधिकारियों को CBI ने गिरफ्तार किया था। इसके बावजूद, एजेंट दावा कर रहे हैं कि छापे तो होते रहते हैं, लेकिन अंततः कॉलेज को मान्यता मिल ही जाती है। रावतपुरा में zero year की संभावना के बावजूद एजेंट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में NRI कोटे पर विवाद
छत्तीसगढ़ में NRI और sponsored कोटे के तहत प्रवेश को लेकर पिछले साल हाईकोर्ट में विवाद हुआ था। कोर्ट के आदेश के बाद sponsored कोटे में पहली पीढ़ी के रिश्तेदारों को प्रवेश की अनुमति दी गई थी। इस मामले में बिलासपुर के एक डॉक्टर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है, जिस पर अभी फैसला नहीं आया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने भी शासन से NRI कोटे में प्रवेश के नियमों पर मार्गदर्शन मांगा है।
छात्र और अभिभावकों को सावधान रहने की सलाह
छत्तीसगढ़ के DMI डॉ. यूएस पैकरा ने स्पष्ट किया कि NRI और management कोटे में भी मेरिट और काउंसलिंग के आधार पर ही प्रवेश होता है। उन्होंने कहा, “रावतपुरा कॉलेज में CBI छापे के बाद मान्यता मिलने पर संशय है। एजेंट छात्रों और अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं। किसी भी तरह से मेरिट के बिना प्रवेश संभव नहीं है।” उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से एजेंटों के झांसे में न आने की अपील की है।
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