
मराठी थप्पड़ कांड पर सीएम का सख्त रुख
मुंबई, 8 जुलाई 2025
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठी भाषा विवाद और हाल के थप्पड़ कांड को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठी गौरव के नाम पर गुंडागर्दी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान उस घटना के बाद आया है, जिसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मीरा रोड में एक दुकानदार को मराठी न बोलने के लिए थप्पड़ मार दिया था।
कानूनी कार्रवाई का वादा
फडणवीस ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “मराठी भाषा पर गर्व करना गलत नहीं है, लेकिन भाषा के नाम पर हिंसा और गुंडागर्दी स्वीकार्य नहीं है। जो लोग इस तरह की हरकतें करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि मीरा रोड घटना में पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और कार्रवाई शुरू कर दी है।
विवाद की शुरुआत
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मनसे कार्यकर्ताओं ने 48 वर्षीय दुकानदार बाबूलाल चौधरी, जो मीरा रोड में ‘जोधपुर स्वीट शॉप’ चलाते हैं, को मराठी बोलने के लिए मजबूर किया। दुकानदार ने जवाब दिया कि महाराष्ट्र में सभी भाषाएँ बोली जाती हैं, जिसके बाद उन पर हमला किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने मराठी-हिंदी भाषा विवाद को और हवा दी।
मनसे रैली पर रोक
फडणवीस ने मनसे की एक रैली को लेकर भी टिप्पणी की, जिसे पुलिस ने थाणे के मीरा रोड में रोक दिया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने रैली के लिए अनुमति देने से इनकार नहीं किया, बल्कि एक वैकल्पिक मार्ग का सुझाव दिया था, जिसे मनसे ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के “प्रयोग” महाराष्ट्र में काम नहीं करेंगे और कानून-व्यवस्था को खतरे में डालने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीजेपी सांसद के बयान पर सफाई
इसके अलावा, फडणवीस ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के विवादास्पद बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने “पटक-पटक कर मारेंगे” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। सीएम ने कहा कि दुबे का बयान सामान्य मराठी लोगों के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह उन संगठनों के लिए था जो इस विवाद को भड़का रहे हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि यह बयान “अनुचित” था और इससे भ्रम पैदा हो सकता है।
मराठी समुदाय की प्रशंसा
फडणवीस ने मराठी समुदाय की देश के इतिहास और वर्तमान में योगदान की सराहना करते हुए कहा, “महाराष्ट्र और मराठी लोगों का योगदान कोई नकार नहीं सकता। लेकिन अगर कोई भाषा के आधार पर हिंसा भड़काने की कोशिश करेगा, तो हमारी सरकार उन्हें बख्शेगी नहीं।”
राजनीतिक तनाव बढ़ा
यह विवाद तब और गहरा गया जब मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे पर बीजेपी की आलोचना की। शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने दुबे को “फालतू आदमी” करार दिया और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस्तीफे की मांग की।
चुनाव से पहले तनाव
इस पूरे मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया तनाव पैदा कर दिया है, खासकर तब जब मुंबई में नगर निगम चुनाव नजदीक हैं। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि मराठी भाषा का सम्मान होना चाहिए, लेकिन हिंसा का सहारा लेना किसी भी तरह से उचित नहीं है।
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