
Mansoon का कहर: महाराष्ट्र में बाढ़ 104 लोगों की मौत
देश में मानसून की बारिश कई राज्यों में कहर बरपा रही है। महाराष्ट्र में इसका प्रकोप विशेष रूप से देखने को मिल रहा है, जहां इस मानसून सीजन में बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में 104 लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली में 5 फ्लाइटें डायवर्ट की गईं, जबकि जयपुर में लैंडिंग कराई गई।

मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी तबाही
महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां आठ जिलों के 3,050 से अधिक गांव इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ चुके हैं। 1 जून से 29 सितंबर तक हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण इन गांवों में भारी नुकसान हुआ है। नांदेड़ में सबसे अधिक 28 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जबकि संभाजीनगर, बीड, हिंगोली, जालना, धाराशिव, परभणी और लातूर जैसे जिलों में भी लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

बुनियादी ढांचे को भारी क्षति
बाढ़ के कारण मराठवाड़ा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है। लगभग 2,701 किलोमीटर सड़कें टूट गई हैं और 1,504 पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, 1,064 स्कूल, 352 स्वास्थ्य केंद्र और 58 सरकारी भवनों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है।
बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र बोर्ड ने 12वीं कक्षा के छात्रों को राहत दी है। HSC परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 20 अक्टूबर कर दी गई है। इसके अलावा, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने भी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा को बाढ़ के कारण उत्पन्न हुई बाधाओं को देखते हुए 9 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है।



