
महुआ मोइत्रा का विवादों से नाता:Raipur Police को बताया ‘बेवकूफ’, अमित शाह पर टिप्पणी के बाद नया बवाल
रायपुर, 4 सितंबर 2025: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी बेबाक और विवादास्पद टिप्पणियों के लिए जानी जाने वाली महुआ ने इस बार रायपुर पुलिस को निशाना बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में रायपुर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद महुआ ने एक वीडियो जारी कर पुलिस को “बेवकूफ” करार दिया है। इस बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

क्या है पूरा मामला?
महुआ मोइत्रा ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा था कि अगर अमित शाह बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ रोकने में नाकाम रहते हैं, तो “उनका सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए।” यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश पैदा कर दिया।
इसके बाद, रायपुर के माना पुलिस थाने में एक स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता गोपाल सामंतो की शिकायत पर महुआ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और धारा 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक बयान) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में गोपाल ने दावा किया कि महुआ का बयान न केवल आपत्तिजनक और असंवैधानिक है, बल्कि इससे रायपुर के माना कैंप क्षेत्र में रहने वाले बांग्लादेशी शरणार्थियों (जो 1971 में बसे थे) में डर का माहौल पैदा हुआ है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि इस तरह के बयान से बंगाली समुदाय के खिलाफ अन्य समुदायों में गुस्सा भड़क सकता है।
महुआ का पलटवार: “मूर्ख लोग मुहावरों को नहीं समझते”
एफआईआर के जवाब में महुआ मोइत्रा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने बयान को एक “मुहावरा” बताया और बीजेपी व रायपुर पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मूर्ख लोग मुहावरों को नहीं समझते। जब मैंने ‘सिर काटने’ की बात कही, तो यह एक मुहावरा था, जिसका मतलब जवाबदेही सुनिश्चित करना है।” महुआ ने यह भी दावा किया कि रायपुर पुलिस ने उनके बयान का गलत अनुवाद किया, जिसमें बंगाली से अंग्रेजी और फिर हिंदी में Google Translate का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा, “मैंने कहा था ‘माथा के तेबी ले’, जिसका मतलब है जवाबदेही तय करना, न कि ‘गला काट देना’ जैसा कि पुलिस ने दावा किया।”
महुआ ने रायपुर पुलिस पर फर्जी मामले दर्ज करने का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस के एक पुराने मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2024 में कोंडागांव पुलिस ने उनके संसदीय क्षेत्र (कृष्णानगर, पश्चिम बंगाल) के 12 प्रवासी मजदूरों को बिना उचित दस्तावेजों के हिरासत में लिया था, जिसे उन्होंने “राज्य प्रायोजित आतंकवाद और अपहरण” करार दिया था। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया था, जिसके बाद मजदूरों को रिहा कर दिया गया। महुआ ने तंज कसते हुए कहा, “पुलिस ने अपनी पूंछ पीछे करके केस वापस ले लिया। अब फिर से फर्जी एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन मैं कोर्ट में जाऊंगी और यह एक और तमाचा होगा।”
बीजेपी का गुस्सा, टीएमसी का बचाव
महुआ के बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे “अत्यंत आपत्तिजनक और आपराधिक कृत्य” करार देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से महुआ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साय ने X पर लिखा, “ऐसे बयान टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व के समर्थन के बिना संभव नहीं हैं। ममता जी को माफी मांगनी चाहिए।” बीजेपी की महिला शाखा ने कोलकाता में महुआ के खिलाफ विरोध मार्च निकालने की भी घोषणा की है।

वहीं, टीएमसी ने अपने सांसद का बचाव किया है। वरिष्ठ टीएमसी नेता शशि पंजा ने बीजेपी पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बीजेपी नेताओं ने पहले भी ममता बनर्जी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने महुआ के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किया, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया, लेकिन इसका स्क्रीनशॉट वायरल हो चुका है।”
महुआ की बयानबाजी: विवादों का पुराना इतिहास
महुआ मोइत्रा का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह अपनी बेबाक टिप्पणियों और केंद्र सरकार की आलोचना के लिए जानी जाती हैं। इससे पहले, 2023 में उन पर “कैश-फॉर-क्वेरी” मामले में आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कृष्णानगर सीट से फिर से जीत हासिल की। महुआ ने अपने ताजा बयान में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “हर बार जब आप मेरे खिलाफ ऐसा करते हैं, आप मुझे और मजबूत बनाते हैं। मैं जोन ऑफ आर्क बन जाती हूं।”



