
Kawrdha शिक्षा विभाग में 218 करोड़ का ‘महाघोटाला’: अरबों का हिसाब गायब, दो कर्मचारी निलंबित
कवर्धा (कबीरधाम)। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय से पिछले तीन वर्षों में निकाले गए 218 करोड़ रुपये का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है। इस मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन कार्यालय में पदस्थ दो लिपिकों, माया कसार और योगेंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब वर्ष 2022 से 2025 के बीच के वित्तीय लेनदेन का ऑडिट किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि के दौरान कौशालय से लगभग 2 अरब 18 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि आहरित की गई, लेकिन इसके खर्च से संबंधित कैश बुक, बिल रजिस्टर और वाउचर गायब पाए गए। सरकारी दस्तावेजों का संधारण न होना सीधे तौर पर गबन और गंभीर लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है।

पूर्व BEO और लिपिकों के बीच ‘आरोप-प्रत्यारोप’
ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) संजय जायसवाल मुख्य निशाने पर हैं। हालांकि, उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि यह पूरी राशि शिक्षकों के वेतन भुगतान की है। उन्होंने दस्तावेजों के गायब होने का ठीकरा निलंबित लिपिकों पर फोड़ते हुए दावा किया कि उन्होंने बार-बार निर्देश दिए थे, लेकिन कर्मचारियों ने फाइलों को अपडेट नहीं किया। जायसवाल का कहना है कि उन्होंने स्थानांतरण के समय वर्तमान बीईओ को रसीद के साथ दस्तावेज सौंप दिए थे।
निलंबन और जांच की आंच
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एफ.आर. वर्मा ने प्रारंभिक जांच और ऑडिट में मिली कमियों के आधार पर माया कसार और योगेंद्र कश्यप को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या यह सिर्फ कागजी लापरवाही है या फिर वास्तव में करोड़ों रुपये का बंदरबांट हुआ है।
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