
मां की हत्या के मामले में पुत्र को आजीवन कारावास
रायगढ़ की षष्ठम अपर सत्र न्यायालय ने सुनाई सजा
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ग्राम बरलिया में हुई महिला हत्या मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। माननीय षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार चतुर्वेदी ने आरोपी पुत्र विजय सारथी को अपनी मां की हत्या के दोष में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही धारा 302 और 201 आईपीसी के तहत कुल ₹200 का अर्थदंड भी लगाया गया है।

घटना 28 फरवरी 2024 की—घर के अंदर मिला था शव
मामला 28 फरवरी 2024 का है। मृतका नंदिनी सारथी अपने पुत्र विजय सारथी के साथ रहती थीं। शाम के समय नंदिनी का शव घर के भीतर संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला।
मृतका के रिश्तेदार कृष्णा सारथी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि नंदिनी की मृत्यु गर्दन के पीछे गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी।
इसके बाद चक्रधरनगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 127/2024 दर्ज किया था, जिसमें धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने का प्रयास) शामिल थे।
साक्ष्यों के आधार पर पुत्र विजय को दोषी करार
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने संदेह के आधार पर पुत्र विजय सारथी को हिरासत में लिया। पूछताछ और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने माना कि हत्या उसी ने की है।
अदालत ने विजय को धारा 302 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास, तथा धारा 201 के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास और ₹100-₹100 अर्थदंड की सजा सुनाई।
टीआई की मेहनत से हुआ केस का निष्पादन
चक्रधरनगर थाना प्रभारी द्वारा मामले की विवेचना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। मजबूत साक्ष्यों के चलते आरोपी को दोषी करार दिया गया।
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