
धसकुंड जलप्रपात में दर्दनाक हादसा: रील बनाते समय 15 वर्षीय किशोर 65 फीट ऊंचाई से गिरा, हालत गंभीर
बलौदाबाजार, 28 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित धसकुंड जलप्रपात पर एक दुखद हादसा सामने आया है, जहां रील बनाने की कोशिश में 15 वर्षीय निखिल साहू 60-65 फीट ऊंचाई से फिसलकर पत्थरों पर जा गिरा। इस हादसे में किशोर की चार हड्डियां टूट गईं और उसे गंभीर चोटें आई हैं। यह घटना सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल उठाती है।
जलप्रपात की खूबसूरती बनी खतरा
मानसून के मौसम में बलौदाबाजार जिले के जलप्रपात पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। धसकुंड जलप्रपात, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, हर साल सैकड़ों लोगों को आकर्षित करता है। गुरुवार की शाम पलारी ब्लॉक के ग्राम छेरकापुर से आए तीन किशोर, जिनमें निखिल साहू भी शामिल था, इस जलप्रपात पर घूमने पहुंचे। निखिल जलप्रपात की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़कर रील बनाने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका पैर काई से ढके फिसलन भरे पत्थर पर फिसल गया।

हादसे की भयावहता
निखिल 60-65 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे पत्थरों पर गिरा, जिसके कारण उसके शरीर की चार हड्डियां टूट गईं और सिर व पीठ पर गहरी चोटें आईं। हादसे के बाद उसे तुरंत बलौदाबाजार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, निखिल अब खतरे से बाहर है, लेकिन उसकी चोटें गंभीर हैं और पूर्ण स्वस्थ होने में समय लगेगा।

सुरक्षा व्यवस्था का अभाव
धसकुंड जलप्रपात जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगे हैं, न ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था है और न ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात है। मानसून के दौरान फिसलन भरे पत्थर और तेज जलप्रवाह इस स्थान को और भी खतरनाक बनाते हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी जगहों पर सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
सोशल मीडिया का खतरनाक ट्रेंड
यह हादसा सोशल मीडिया के लिए रील और सेल्फी बनाने की बढ़ती लापरवाही को उजागर करता है। देशभर में हर साल दर्जनों युवा ऐसी जोखिम भरी गतिविधियों के दौरान हादसों का शिकार हो रहे हैं। धसकुंड जलप्रपात जैसे प्राकृतिक स्थलों पर स्टंट और रील बनाने का चलन खतरनाक साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को रोमांच के नाम पर अपनी जान जोखिम में डालने से पहले सुरक्षा के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को भी सामने ला दिया है। बलौदाबाजार के प्रमुख जलप्रपातों जैसे धसकुंड, गिरौदपुरी घाट, रानीदाह और मेघा में हर साल हजारों पर्यटक आते हैं, लेकिन इन स्थानों पर बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं का अभाव है। क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? यह सवाल स्थानीय लोगों और पर्यटकों के मन में बार-बार उठ रहा है।
इस हादसे ने माता-पिता, स्कूलों और समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि युवाओं को सोशल मीडिया के दिखावे से कैसे बचाया जाए। एक “पिक्चर परफेक्ट” रील के लिए जान जोखिम में डालना नासमझी है। युवाओं को यह समझाने की जरूरत है कि जिंदगी की कीमत एक वायरल वीडियो से कहीं ज्यादा है। इस घटना से सबक लेते हुए प्रशासन, समाज और परिवारों को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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