
Korba Police ने लापता बच्चों के मामलों में लागू की नई Coding , नाम की जगह V-1, V-2 से होगी FIR पंजीकरण
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अब लापता बच्चों के नाम, पिता का नाम, पता आदि सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे। पुलिस विभाग ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए लापता बालक-बालिकाओं को व्ही-2, व्ही-3 जैसे कोड नाम देकर पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। इससे बच्चों की पहचान सार्वजनिक नहीं होगी और उनकी गोपनीयता बनी रहेगी।

गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से बदलाव
पहले बच्चों की एफआईआर में नाम, पता, पिता का नाम स्पष्ट लिखा जाता था, जिसे ऑनलाइन भी देखा जा सकता था। अब बच्चे के नाम, पता, पिता का नाम को क्रमबद्ध कोडिंग जैसे V-1, V-2, V-3 दिया जाएगा। इसका मकसद बच्चों को पहचान उजागर न होने देना है ताकि उन्हें या उनके परिवार को अपमानित महसूस न करना पड़े।
कानून की मजबूती
किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 74 के तहत किसी भी माध्यम से नाबालिग बच्चों की पहचान उजागर करना अपराध है। बाल संरक्षण आयोग के सख्त निर्देशों के बाद यह बदलाव किया गया है।
माता-पिता की सहमति अनिवार्य
पुलिस को बच्चों की खोजबीन के लिए माता-पिता की लिखित सहमति लेना जरूरी होगा। बिना सहमति कोई भी सूचना या इश्तहार प्रकाशित नहीं किया जाएगा। किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति से भी अनुमति ली जा सकती है।

पुलिस अधिकारी का बयान
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसा करने से बच्चों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी और उनकी निजता बनी रहेगी। साथ ही कानून की भी कड़ाई से पालना होगी।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



