
Korba में 61 हाथी, 32 किसानों की फसल चौपट: ग्रामीण भगाने में जुटे, ड्रोन से हाथियों की गतिविधियों पर रखी जा रही नजर
कोरबा जिले के ग्रामीण इलाकों में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ दिनों से 61 हाथियों का एक विशाल झुंड क्षेत्र में घुस आया है, जिसने 32 किसानों की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। ग्रामीण रात-दिन हाथियों को भगाने में जुटे हुए हैं, जबकि वन विभाग ड्रोन की मदद से इन जंगली जानवरों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है।

32 किसानों की फसल हुई चौपट
हाथियों के इस हमले से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। अब तक 32 किसानों की फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है। धान, मक्का और अन्य फसलें हाथियों के पैरों तले रौंदी जा रही हैं। एक किसान ने बताया, “रात भर जागकर मशाल जलाते हैं, ढोल बजाते हैं, लेकिन हाथी नहीं डरते। सुबह उठते ही देखते हैं कि सारी मेहनत बर्बाद हो गई।” फसल का नुकसान लाखों रुपये में आंका जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है।
ड्रोन से निगरानी: वन विभाग की नई रणनीति
वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का सहारा लिया है। ड्रोन कैमरों से हाथियों के झुंड की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। इससे समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट किया जा सकता है। विभाग के अधिकारी कहते हैं, “ड्रोन की मदद से हम हाथियों की दिशा का अनुमान लगा रहे हैं और उन्हें जंगल की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।” हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि केवल निगरानी काफी नहीं, हाथियों को वापस जंगल भेजने के लिए और ठोस कदम उठाने चाहिए।
आगे की चुनौती और समाधान की जरूरत

हाथी-मानव संघर्ष लंबे समय से चली आ रही समस्या है। कोरबा जैसे क्षेत्रों में जंगलों का सिकुड़ना और मानव अतिक्रमण इसकी मुख्य वजह है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि हाथी कॉरिडोर को बहाल करना, बाड़बंदी और मुआवजे की प्रक्रिया को तेज करना जरूरी है। फिलहाल ग्रामीण और वन विभाग मिलकर इस संकट से निपटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान की तलाश अभी बाकी है।
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