
कोरबा: अधजली लाश को कचरा गाड़ी में ले जाने पर हंगामा, प्रशासन की लापरवाही से नाराज लोग
कोरबा, 09 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला की अधजली लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए शव वाहन या एंबुलेंस के बजाय नगर पालिका की कचरा ढोने वाली गाड़ी में ले जाया गया। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने इसे मानवता की हार करार दिया।
संदिग्ध हालात में मिली अधजली लाश
घटना कोरबा जिले के बांकिमोंगरा थाना क्षेत्र की है। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला की अधजली लाश मिली, जिसकी पहचान गीता श्री विश्वास के रूप में हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजने की तैयारी शुरू की। लेकिन इस गंभीर मामले में शव वाहन की व्यवस्था न होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
शव वाहन की जगह कचरा गाड़ी
पुलिस ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) से शव वाहन की मांग की, लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में पुलिस को नगर पालिका की कचरा ढोने वाली गाड़ी में शव को रखकर अस्पताल भेजना पड़ा। यह दृश्य देखकर स्थानीय लोग भड़क उठे और प्रशासन के इस रवैये की कड़ी निंदा की। लोगों का कहना है कि यह घटना न केवल संवेदनहीनता का प्रतीक है, बल्कि मृतक के प्रति अपमान भी है।
लोगों में आक्रोश, मर गई इंसानियत
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस लापरवाही को “इंसानियत की मौत” करार दिया। लोगों का कहना है कि एक मृतक के शव के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है और यह प्रशासन की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को उजागर करता है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने कोरबा जिले में शव वाहन और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को एक बार फिर उजागर किया है। लोगों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए को तत्काल कदम उठाने चाहिए। साथ ही, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी तेज हो रही है।स्रोत: स्थानीय जानकारी
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