
Kondagaon में लिंगेश्वरी माता मंदिर में हुआ वार्षिक महापर्व का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित प्रसिद्ध लिंगेश्वरी माता मंदिर में आज वार्षिक त्योहार के अवसर पर मंदिर का द्वार भक्तों के लिए खोला गया। यह मंदिर अपनी अनूठी परंपरा के लिए जाना जाता है क्योंकि यह गुफा मंदिर पूरे साल में केवल एक ही बार, भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि के बाद आने वाले बुधवार को खुलती है।

श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
इस अत्यंत खास अवसर पर दूर-दराज के इलाकों से हजारों श्रद्धालु मन्नतें मानने और माता के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर के परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार, सुबह 4 बजे से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर का पट्थर बंद द्वार खोला गया। भक्तजन पवित्र गुफा में जाकर आशीर्वाद प्राप्त कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की कामना करते हैं।
संतान प्राप्ति का विशेष विधान
मंदिर की एक विशेष मान्यता है कि यह जगह संतान प्राप्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। यहाँ आने वाले कई दंपत्ति विशेष रूप से संतान सुख की कामना लेकर खीरे का भोग चढ़ाते हैं, जिसे पूजा के बाद पुजारी वापस भेंट करते हैं। इस परंपरा ने मंदिर को नीमतुल्य समृद्धि की भूमि बना दिया है।

परंपरा के अनुसार बंद किया गया द्वार
पूजा-पाठ और दर्शन के बाद, रात को जब भक्तों की भीड़ कम हो जाती है, तब मंदिर के गुफा द्वार को फिर से साल भर के लिए बंद कर दिया जाता है। इस दिन मेला भी लगाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और सामूहिक पूजा होती है।
धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व
लिंगेश्वरी माता मंदिर स्थानीय लोगों के लिए आध्यात्मिक केंद्र है और इसकी सालाना खुलने वाली परंपरा भारी श्रद्धा का विषय रही है। छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु इस अनोखे व पावन आयोजन में भाग लेने आलोर गांव पहुंचते हैं। यह आयोजन स्थानीय संस्कृति और धार्मिक आस्था की एक जीवित मिसाल है।
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