
Kolhapur में हजारों की पदयात्रा, महादेवी हाथी की वापसी की मांग
कोल्हापुर, 4 अगस्त 2025
45 किमी की पदयात्रा, राष्ट्रपति को याचिका
हजारों लोगों ने रविवार को कोल्हापुर जिले के शिरोल तहसील के नंदनी से कोल्हापुर कलेक्टर कार्यालय तक 45 किलोमीटर की पदयात्रा की। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को याचिका सौंपकर गुजरात के जामनगर सुविधा केंद्र से महादेवी हाथी को नंदनी जैन मठ में वापस लाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने हाथी की कार्डबोर्ड मूर्तियां और बैनर साथ ले रखे थे, जो मठ के प्रति उनकी भावनाओं को दर्शा रहे थे।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
पदयात्रा का संज्ञान लेते हुए, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमरावती में घोषणा की कि मंगलवार को हितधारकों की बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा, “नंदनी मठ के भक्त नाराज हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हाथी का स्थानांतरण हुआ, राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। हम कानूनी समाधान तलाशेंगे।” फडणवीस ने आश्वासन दिया कि भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए समाधान निकाला जाएगा।

राजू शेट्टी का नेतृत्व और मांगें
पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने पदयात्रा का नेतृत्व किया और मांग की कि गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, “हम तब तक विरोध जारी रखेंगे जब तक महादेवी वापस नहीं आती। धार्मिक स्थानों से हाथियों को हटाने की घटनाएं रोकने के लिए नीतिगत निर्णय लिए जाएं।” शेट्टी ने भक्तों की भावनाओं को ठेस न पहुंचाने की अपील की।
वंतारा का बयान और समाधान की कोशिश
वंतारा के अधिकारियों ने हाल ही में मठ के स्वामी से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा, “हम जैन मठ के साथ संवाद में हैं। कानूनी और पशु चिकित्सा मार्गदर्शन के साथ माधुरी (महादेवी) के भविष्य के लिए शांतिपूर्ण समाधान तलाश रहे हैं, जो उसकी भलाई और समुदाय की भावनाओं को प्राथमिकता दे।”
कानूनी पहल और समिति का प्रस्ताव
शिवसेना सांसद धैर्यशील माने ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत पुनर्विचार याचिका दायर करने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि वंतारा, पेटा और मठ के कानूनी विशेषज्ञ चर्चा में जुटे हैं। माने ने सुझाव दिया कि नंदनी में वंतारा जैसी सुविधा स्थापित की जा सकती है, जहां महादेवी और अन्य हाथियों को रखा जाए। उन्होंने कहा, “पशु की देखभाल और सदियों पुरानी परंपराओं के बीच संतुलन जरूरी है।”
सामुदायिक भावनाएं और भविष्य की योजना
नंदनी जैन मठ के भक्तों का कहना है कि महादेवी मठ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय नेताओं ने सुझाव दिया कि एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की जाए, जो कानूनी और व्यावहारिक समाधान सुझाए। इसके अलावा, जामनगर सुविधा केंद्र की तर्ज पर नंदनी में आधुनिक सुविधाओं वाला एक संरक्षण केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
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