
किन्नौर में भयावह भूस्खलन: NH-5 पर आवाजाही ठप, पर्यटक फंसे, मलबा हटाने का काम जारी
किन्नौर, 20 जुलाई 2025:
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के शलखल समदो के पास हुए एक भयानक भूस्खलन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। इस घटना में एक पूरी पहाड़ी दरककर सड़क पर आ गिरने से भारी मलबा जमा हो गया, जिसके चलते वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। इस भूस्खलन का डरावना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो इस हादसे की भयावहता को दर्शाता है।
भूस्खलन ने मचाई तबाही, सड़क पर जमा हुआ भारी मलबा
शलखल समदो के पास हुए इस भूस्खलन में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक सड़क पर आ गिरा, जिससे NH-5 पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। वायरल वीडियो में चट्टानों और मलबे के सड़क पर गिरने का भयानक दृश्य कैद हुआ है। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, क्योंकि स्थानीय लोगों को खतरे का आभास पहले ही हो गया था और वे सतर्क हो गए थे।

पर्यटक फंसे, सड़क पर लगी वाहनों की लंबी कतार
भूस्खलन के कारण NH-5 पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। कई पर्यटक, जो किन्नौर और आसपास के क्षेत्रों की सैर के लिए आए थे, रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। इस राजमार्ग का महत्वपूर्ण होने के कारण यातायात का ठप होना स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।
प्रशासन और NHAI की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही किन्नौर जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। सड़क को सील कर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया है। हालांकि, भारी मलबे और चट्टानों के कारण सफाई कार्य में कई चुनौतियां आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सहयोग करने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।

सड़क सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं पर सवाल
यह भूस्खलन हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बार-बार होने वाली प्राकृतिक आपदाओं और सड़क सुरक्षा की कमियों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनियोजित निर्माण और पर्यावरणीय बदलाव इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की जरूरत को रेखांकित किया है।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, सहयोग करें
प्रशासन ने लोगों से मलबा हटाने के कार्य में सहयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है, और जल्द ही सड़क को यातायात के लिए खोलने की उम्मीद है।
यह घटना हिमाचल प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों और बेहतर योजना की आवश्यकता है।
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