
खाकी बनी देवदूत! रेलवे ट्रैक पर कूदे युवक का सुरक्षित रेस्क्यू, SSP ने डायल-112 टीम को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
दुर्ग। खाकी की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने आज एक परिवार का चिराग बुझने से बचा लिया। दुर्ग के मोहन नगर-धमधा नाका ओवरब्रिज से रेलवे ट्रैक पर कूदे एक 30 वर्षीय युवक को डायल-112 की टीम ने समय रहते रेस्क्यू कर नई जिंदगी दी है। इस सराहनीय कार्य के लिए दुर्ग एसएसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से सम्मानित किया है।

क्या था मामला?
मंगलवार (3 फरवरी) को पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक मोहन नगर ओवरब्रिज से रेलवे ट्रैक की ओर कूद गया है। वह युवक मानसिक तनाव और नशे की हालत में था। सूचना के बाद डायल-112 मोहन नगर की टीम बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर युवक घायल अवस्था में रेलवे ट्रैक के पास पड़ा था।
फरिश्ता बनकर पहुंची पुलिस
टीम में शामिल आरक्षक हिमांशु जंघेल (1077) और चालक धर्मेंद्र देशमुख (273) ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल ट्रैक से युवक का रेस्क्यू किया। समय की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अगर कुछ मिनटों की भी देरी होती, तो युवक की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। युवक का नाम भानुप्रताप देशमुख (30 वर्ष) है, जो वार्ड क्रमांक 13, जेवर सिरसा का निवासी है। वह नगर निगम भिलाई में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है।

SSP ने थपथपाई पीठ
पुलिसकर्मियों के इस मानवीय और साहसी कार्य की खबर मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दुर्ग ने दोनों आरक्षकों को अपने कार्यालय बुलाकर प्रशंसा की। एसएसपी ने हिमांशु जंघेल और धर्मेंद्र देशमुख को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और कहा कि पुलिस का असली धर्म नागरिकों की सुरक्षा और सहायता करना है।
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