
Khairagarh: पीपल के पेड़ काटने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में शासकीय भूमि पर स्थित पूजनीय पीपल के पेड़ को काटने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह घटना स्थानीय ग्रामीणों की धार्मिक आस्था से जुड़ी होने के कारण चर्चा में है।

घटना का विवरण: धार्मिक आस्था को ठेस
प्रार्थी प्रमोद पटेल, निवासी ग्राम सर्रागांदी, ने थाना खैरागढ़ में शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम के बाहर सड़क किनारे शासकीय भूमि पर स्थित पीपल का पेड़ पिछले 20 वर्षों से ग्रामीणों द्वारा पूजा-अर्चना का केंद्र रहा है। दिनांक 5 अक्टूबर 2025 को सुबह इमरान मेमन, निवासी खैरागढ़, ने अपने साथी के साथ मिलकर इस पेड़ को काटने का प्रयास किया। ग्रामीणों की आपत्ति के कारण वे उस दिन सफल नहीं हुए, लेकिन अगले दिन 6 अक्टूबर 2025 को सुबह पेड़ पूरी तरह कटा हुआ पाया गया।
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया। शिकायत के आधार पर थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 464/2025, धारा 298, 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। मुख्य आरोपी इमरान मेमन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में इमरान ने बताया कि उसने अपनी खरीदी गई जमीन के सामने स्थित शासकीय भूमि पर खड़े पीपल के पेड़ को हटाने के लिए यह कदम उठाया। उसने अपने साथी प्रकाश कोसरे, निवासी लालपुर, की मदद से इस घटना को अंजाम दिया।
जांच में पता चला कि प्रकाश कोसरे ने लकड़ी काटने की मशीन (लखा मशीन) से पेड़ काटा, जबकि इमरान मेमन सड़क पर निगरानी कर रहा था। घटना के बाद दोनों खैरागढ़ लौट आए और सबूत छिपाने के लिए मशीन को नदी में फेंक दिया। पुलिस गोताखोरों की मदद से मशीन की तलाश कर रही है।
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