
केरल हाईकोर्ट का अहम फैसला: निजी पेट्रोल पंपों के शौचालय अब सार्वजनिक उपयोग के लिए नहीं
केरल, 18 जून 2025 — केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में निजी स्वामित्व वाले पेट्रोलियम आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) में स्थित शौचालयों के सार्वजनिक उपयोग पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन निजी परिसरों के शौचालयों को आम जनता के लिए “सार्वजनिक शौचालय” के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता।
यह फैसला एक याचिका की सुनवाई के दौरान आया जिसमें याचिकाकर्ता ने शिकायत की थी कि उनके निजी स्वामित्व वाले पेट्रोल पंप परिसर को सरकार द्वारा आम नागरिकों के शौचालय प्रयोग हेतु बाध्य किया जा रहा है, जिससे परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा और संचालन पर असर पड़ रहा है।

न्यायमूर्ति वी. जी. अरुण की एकल पीठ ने कहा कि किसी भी निजी प्रतिष्ठान को उसकी अनुमति के बिना सार्वजनिक उपयोग के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि यदि सरकार को सार्वजनिक शौचालयों की आवश्यकता है, तो उसे स्वयं उसके लिए व्यवस्था करनी चाहिए, न कि निजी व्यवसायों पर इस जिम्मेदारी को डालना चाहिए।
कोर्ट के इस आदेश से उन पेट्रोल पंप मालिकों को राहत मिली है जो लंबे समय से इस मुद्दे पर असंतोष जता रहे थे।
यह फैसला देशभर में निजी परिसरों और उनके उपयोग के अधिकार को लेकर एक नई दृष्टिकोण स्थापित कर सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं की भारी कमी महसूस की जा रही है।
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