
केंद्र ने Supreme Court से कहा- अरुणाचल सीएम के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच नहीं कर सकते
मंत्रियों के लिए आचार संहिता का हवाला देते हुए केंद्र का जवाब — जनहित याचिका में अरुणाचल सीएम पर भाई-भतीजावाद और ठेकों में गड़बड़ी का आरोप
नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता पेमा खांडू पर लगे भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोपों पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। केंद्र ने कोर्ट को बताया है कि मंत्रियों के लिए आचार संहिता के प्रावधानों के चलते वह इन आरोपों की जांच नहीं कर सकता।

एक जनहित याचिका के तहत खांडू पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सरकारी परियोजनाओं और ठेकों का लाभ अपने परिजनों को पहुंचाया। याचिका में मांग की गई थी कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस पर केंद्र ने जवाब देते हुए कहा कि मौजूदा नियमों के मुताबिक, इस तरह के मामलों में सरकार सीधे जांच का आदेश नहीं दे सकती।
केंद्र के जवाब के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट के अगले निर्देशों पर निर्भर करेगा। याचिकाकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून का हवाला देते हुए कहा है कि इस तरह के गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं, विपक्ष ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सरकार ‘संरक्षण’ दे रही है, जबकि भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को ‘‘राजनीतिक प्रेरित’’ बताया है।
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