
कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट में रखा पक्ष: बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध सही, मोटरसाइकिल ‘यात्री वाहन’ नहीं
कर्नाटक: कर्नाटक सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगाए गए राज्यव्यापी प्रतिबंध का बचाव करते हुए हाईकोर्ट में स्पष्ट कहा कि मोटरसाइकिलों का उपयोग यात्री वाहनों के रूप में नहीं किया जा सकता। यह बयान उन अपीलों की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिन्हें Rapido, Uber और Ola जैसी कंपनियों ने प्रतिबंध को चुनौती देते हुए दायर किया है।

मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का हवाला
राज्य के एडवोकेट जनरल ने अदालत में दलील दी कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की परिभाषाओं में मोटरसाइकिल को “यात्री ढोने वाले किराए के वाहन” की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। इसलिए, मोटरसाइकिल पर यात्रियों को किराए पर ढोने वाली सेवाएं कानूनी रूप से मान्य नहीं हैं।

बाइक टैक्सी कंपनियों की अपील पर रोक
बाइक टैक्सी ऑपरेटरों ने दावा किया था कि यह प्रतिबंध उनकी सेवाओं को अनावश्यक रूप से बाधित कर रहा है तथा तकनीकी आधारित मोबिलिटी सेवाओं पर प्रभाव डालता है। हालांकि अदालत ने इस पर अभी अंतिम निर्णय देना बाकी है।
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