
Kanker में School मरम्मत घोटाला: युवाओं ने किया अर्धनग्न प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में ‘स्कूल जतन योजना’ के तहत स्कूल भवनों की मरम्मत में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। स्थानीय युवाओं ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार, को अर्धनग्न प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मरम्मत कार्य केवल कागजों पर हुआ है और लाखों रुपये की राशि हड़पी गई है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे पूर्ण नग्न प्रदर्शन करने की चेतावनी दे चुके हैं। यह घटना दुर्गुकोंदल विकासखंड में हुई, जहां युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया।
घटना का विवरण
कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल ब्लॉक में स्थानीय युवाओं ने स्कूल भवनों की मरम्मत में हुई अनियमितताओं के विरोध में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। वे प्लेकार्ड्स लेकर सड़क पर उतरे, जिन पर भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लिखे थे। प्रदर्शन मंगलवार को हुआ और इसमें युवाओं ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय का घेराव भी किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी विरोध जताया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें युवा अर्धनग्न अवस्था में नारे लगा रहे हैं।

युवाओं के आरोप
युवाओं का मुख्य आरोप है कि ‘स्कूल जतन योजना’ के तहत 163 स्कूलों की मरम्मत के लिए स्वीकृत 6.63 करोड़ रुपये में से अधिकांश राशि ठेकेदारों और अधिकारियों ने मिलीभगत से हड़प ली। उन्होंने बताया कि केवल 30 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जबकि बाकी मरम्मत केवल कागजों पर दिखाई गई है। कुछ स्कूलों में मामूली रंग-रोगन कर लाखों के बिल पास कर दिए गए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे भवन जर्जर बने हुए हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। युवाओं ने कहा, “योजना के नाम पर खुलेआम भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की गई है।
योजना की पृष्ठभूमि
‘स्कूल जतन योजना’ छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत प्राथमिक से हाईस्कूल स्तर तक के भवनों की मरम्मत की जाती है। कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल ब्लॉक में 163 स्कूलों के लिए 6.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। योजना का उद्देश्य स्कूलों को मजबूत और सुरक्षित बनाना है, लेकिन आरोप है कि यह भ्रष्टाचार का माध्यम बन गई। यह समस्या केवल दुर्गुकोंदल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जिले और राज्य में व्याप्त है।

पूर्व प्रदर्शन और मांगें
युवाओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी विरोध जताया था। उन्होंने जिला शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि दोषी ठेकेदारों, अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए और उनकी अवैध संपत्ति जब्त की जाए। वे चाहते हैं कि जांच में जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल न किया जाए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
शिवसेना की प्रतिक्रिया
शिवसेना ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने बयान जारी कर कहा कि स्कूल जतन योजना में भ्रष्टाचार पूरे छत्तीसगढ़ में हुआ है। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान भाजपा द्वारा किए गए आंदोलनों का जिक्र करते हुए वर्तमान भाजपा सरकार से तत्काल जांच की मांग की। शिवसेना ने कहा, “अब जब प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है, तब भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।” संगठन ने सरकार से सभी संबंधितों की जांच और संपत्ति जब्त करने की अपील की है।
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