
Raipur सेंट्रल जेल में पूर्व आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत
परिजनों व समाज में आक्रोश, जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप
कांकेर। सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष और जनपद पंचायत चारामा के पूर्व अध्यक्ष जीवन ठाकुर (49) की रायपुर सेंट्रल जेल परिसर में मौत ने पूरे जिले में आक्रोश और सवाल दोनों खड़े कर दिए हैं। ठाकुर की मौत शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान हुई, जिसे परिजन और सामाजिक संगठन संदिग्ध मान रहे हैं।

दो दिन पहले ही कांकेर जेल से रायपुर शिफ्ट किए गए थे
जीवन ठाकुर को दो दिन पहले कांकेर जिला जेल से रायपुर केंद्रीय जेल शिफ्ट किया गया था। शिफ्टिंग के बाद ही उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
गुरुवार तड़के उनकी स्थिति गंभीर होने पर उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद शुक्रवार सुबह लगभग 8 बजे उनकी मौत हो गई।
परिजनों और समाज का आरोप — “यह सामान्य मौत नहीं”
मौत की सूचना मिलते ही परिजन और आदिवासी समाज के लोग अस्पताल पहुँचे। सभी ने एक सुर में कहा कि ठाकुर की मौत संदिग्ध है जेल में उनके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की आशंका है स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद समय पर इलाज न देकर गंभीर लापरवाही की गई
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे “जेल प्रशासन की बड़ी असफलता” बताया और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश
जैसे ही घटना की जानकारी गांव और चारामा क्षेत्र में पहुँची, आदिवासी समाज के लोग भड़क गए।
कई संगठनों ने कहा कि जीवन ठाकुर क्षेत्र के प्रभावशाली तथा जनहित के लिए संघर्ष करने वाले नेता थे जेल में उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं इस घटना की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच जरूरी हैसमाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आवश्यक हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा।
क्या कहती है प्राथमिक चिकित्सा रिपोर्ट?
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक ठाकुर को गंभीर स्वास्थ्य समस्या के साथ मेकाहारा में भर्ती कराया गया था।
हालाँकि अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम विवरण सामने नहीं आए हैं, जिसके बाद ही मौत के असली कारण स्पष्ट होंगे।
विपक्ष और जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल
स्थानिय नेताओं और कुछ राजनीतिक दलों ने कहा कि जेल में बंद व्यक्ति की सुरक्षा पूरी तरह प्रशासन की जिम्मेदारी होती है अचानक हालत बिगड़ना और दो दिनों के भीतर मौत होना जांच का विषय है उन्होंने सरकार से पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने जांच के संकेत दिए
जेल प्रशासन ने घटना पर अपनी रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है, वहीं जिला प्रशासन ने भी प्राथमिक जांच कराने के संकेत दिए हैं।
परिजन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
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