
कानन पेंडारी जू ने खोया अनमोल सदस्य, बाघिन रागिनी ने तोड़ा दम
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क से दुखद खबर सामने आई है। जू की 22 वर्षीय बाघिन रागिनी ने दम तोड़ दिया है। जू प्रशासन के अनुसार, रागिनी लंबे समय से उम्र संबंधी समस्याओं और गंभीर बीमारी से जूझ रही थी।
बताया गया कि बाघिन रागिनी को वर्ष 2018 में रायपुर के नंदन वन जंगल सफारी से एक्सचेंज के तहत कानन पेंडारी लाया गया था। इससे पहले उसे असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से रेस्क्यू किया गया था। अधिक उम्र होने के कारण बीते सात वर्षों से उसे पार्क के अस्पताल परिसर में विशेष केज में रखा गया था।
दांत नहीं होने से विशेष आहार पर थी रागिनी
जू प्रशासन ने बताया कि जब रागिनी को 11 अगस्त 2018 को कानन पेंडारी लाया गया था, तब जांच में सामने आया था कि उसके के-नाइन दांत नहीं थे। इसी कारण वह कच्चा मटन नहीं खा पाती थी और उसे प्रतिदिन 5 से 6 किलो बारीक कीमा खिलाया जाता था। पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी और विशेष देखभाल के चलते वह सात वर्षों तक जीवित रही।

ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी से भी थी पीड़ित
रागिनी ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी से भी ग्रसित थी, जिसमें हड्डियों की संरचना कमजोर हो जाती है। मृत्यु के बाद जिला स्तरीय पशु चिकित्सक समिति द्वारा उसका पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान जू प्रशासन और नेचर क्लब बिलासपुर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
काजीरंगा में फैला चुकी थी आतंक
गौरतलब है कि काजीरंगा क्षेत्र में रागिनी और उसके तीन अन्य साथियों ने लंबे समय तक आतंक फैलाया था। रेस्क्यू के बाद तीन बाघों को गुवाहाटी जू भेजा गया था, जबकि रागिनी को छत्तीसगढ़ लाया गया। उसके साथ लाए गए बाघ शिवा की वर्तमान उम्र लगभग 15 वर्ष बताई जा रही है।
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