
कफ सिरप कांड: निर्माता Company के मालिक की गिरफ्तारी के लिए Police टीम रवाना
मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटों में तीन और मासूम बच्चों की मौत हो गई है, जिसके बाद मौतों का आंकड़ा 20 तक पहुंच गया है। ये सभी मौतें छिंदवाड़ा जिले में दर्ज की गई हैं, जहां बच्चे बुखार और सर्दी-खांसी की शिकायत पर डॉक्टर द्वारा निर्धारित कोल्ड्रिफ नामक कफ सिरप का सेवन कर रहे थे। इस सिरप में जहरीले रसायन डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की अत्यधिक मात्रा (45% से अधिक) पाई गई है, जो किडनी फेलियर का कारण बन रही है।

घटना का विवरण और मौतों का क्रम
यह दुखद घटनाक्रम सितंबर 2025 की शुरुआत से शुरू हुआ था। पहली मौत 2 सितंबर को दर्ज की गई। अधिकांश मौतें छिंदवाड़ा जिले में हुईं, जहां 17 बच्चे जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा बैतूल में दो और पंधुरना में एक मौत हुई है। प्रभावित बच्चों की उम्र 5 से 12 वर्ष के बीच है। हाल ही में 7 अक्टूबर को दो बच्चों और 6 अक्टूबर की रात को एक बच्चे की मौत हुई। वर्तमान में पांच बच्चे नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज, AIIMS और एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं, जहां उन्हें किडनी फेलियर की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इन बच्चों में उल्टी, पेशाब में समस्या और गंभीर कमजोरी जैसे लक्षण देखे गए हैं। कुछ बड़े बच्चों ने सिरप का सेवन किया लेकिन वे ठीक हो गए।

डॉक्टरों का कहना है कि डाइएथिलीन ग्लाइकॉल एक औद्योगिक रसायन है, जो सिरप में मिश्रण के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह शरीर में जहर की तरह काम करता है और किडनी को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर देता है। तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने अक्टूबर की शुरुआत में सिरप के सैंपल की जांच की और इसे प्रतिबंधित कर दिया।
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