
कबीरधाम पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपी 36 घंटे में गिरफ्तार
कबीरधाम, 26 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने एक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को मात्र 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार रात को हुई थी, जिसने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस की इस तेजी की सराहना हो रही है, लेकिन पीड़िता के परिवार ने सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

घटना का विवरण: मंगलवार रात की दिल दहलाने वाली वारदात
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 9 बजे कबीरधाम जिले के एक गांव में 22 वर्षीय युवती के साथ तीन व्यक्तियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित खेतों की ओर जा रही थी, तभी आरोपियों ने उसे घेर लिया और वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने किसी तरह घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कबीरधाम पुलिस ने तुरंत विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश अग्रवाल ने बताया, “हमने पीड़िता का बयान दर्ज कर तुरंत कार्रवाई शुरू की। यह समाज के लिए शर्मनाक घटना है, और हम दोषियों को सख्त सजा दिलवाएंगे।”
36 घंटे में गिरफ्तारी: पुलिस की रणनीति और तकनीक
पुलिस ने इस मामले में अत्याधुनिक तकनीक और स्थानीय सूत्रों का सहारा लिया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा और मुखबिरों की मदद से तीनों आरोपियों—रमेश साहू (28), दीपक यादव (25), और संतोष ठाकुर (30)—को बुधवार रात तक गिरफ्तार कर लिया गया। ये तीनों कबीरधाम के ही रहने वाले हैं और मजदूरी का काम करते हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने शुरुआत में अपराध से इनकार किया, लेकिन पुख्ता सबूतों के आधार पर वे टूट गए और जुर्म कबूल कर लिया। उनके खिलाफ IPC की धारा 376D (सामूहिक दुष्कर्म) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता की स्थिति और परिवार का आक्रोश
पीड़िता को प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, पीड़िता के परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने कबीरधाम पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को और सख्त कदम उठाने चाहिए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “आरोपियों को फांसी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न करे।”
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया: सख्त कानून की मांग
इस घटना ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दलों ने सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा है। एक विपक्षी नेता ने कहा, “महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। सरकार को तुरंत कठोर कदम उठाने चाहिए।” दूसरी ओर, स्थानीय सामाजिक संगठनों ने पीड़िता के लिए मुआवजे और पुनर्वास की मांग की है।
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