March 7, 2026
ज़ज ने कहा बेल Rejected, क्लर्क ने लिख दिया बेल Allowed

ज़ज ने कहा बेल Rejected, क्लर्क ने लिख दिया बेल Allowed

Jan 19, 2026

नई दिल्ली : Supreme Court ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि एक बार किसी अदालत द्वारा जमानत या कोई अन्य आदेश पारित कर उस पर हस्ताक्षर कर दिए जाने के बाद उसे वापस पलटना कानूनन स्वीकार्य नहीं है, सिवाय किसी लिपिकीय या अंकगणिती त्रुटि को सुधारने के। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने Patna High Court के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पहले दी गई जमानत को बाद में वापस ले लिया गया था। यह फैसला न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने सुनाया।

क्या था पूरा मामला

यह मामला 23 अक्टूबर 2024 को दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने **6.330 किलोग्राम गांजा** जब्त करने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, धवन कुमार नामक व्यक्ति को मोटरसाइकिल से जाते समय रोका गया, जिसके पास से मादक पदार्थ बरामद हुआ। पूछताछ में सह-आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि यह गांजा उसके पिता द्वारा अपीलकर्ता रंबली साहनी तक पहुंचाने के लिए दिया गया था। इसी बयान के आधार पर रंबली साहनी को आरोपी बनाया गया।

पटना हाईकोर्ट के दो आदेश

  • 27 अगस्त 2025 को पटना हाईकोर्ट ने रंबली साहनी को जमानत दे दी।
  • लेकिन 30 अगस्त 2025को हाईकोर्ट ने उसी आदेश को यह कहते हुए वापस ले लिया कि कोर्ट मास्टर से गलती हो गई थी और ऑपरेटिव पार्ट में “Rejected” की जगह “Allowed”लिख दिया गया।

 

कोर्ट मास्टर ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में कहा कि यह त्रुटि उनके मामा के अचानक निधन के कारण मानसिक तनाव में होने की वजह से हुई और इसके लिए उन्होंने बिना शर्त माफी मांगी। हाईकोर्ट ने इस माफी को स्वीकार करते हुए जमानत आदेश वापस ले लिया।

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने (CrPC) की धारा 362 का हवाला देते हुए कहा कि:“एक बार आदेश या निर्णय पर हस्ताक्षर हो जाने के बाद उसे बदला या वापस नहीं लिया जा सकता, सिवाय किसी लिपिकीय या अंकगणितीय त्रुटि को सुधारने के इस मामले में ऐसी कोई त्रुटि नहीं थी।”अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जमानत आदेश को वापस लेना कानूनन पूरी तरह गलत और अस्थिर है।

सुप्रीम कोर्ट ने :

  • पटना हाईकोर्ट के 30 अगस्त 2025 के आदेश को रद्द कर दिया
  • अपील स्वीकार की
  • और निर्देश दिया कि अपीलकर्ता रंबली साहनी को जांच अधिकारी द्वारा तय की गई शर्तों पर अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए।

👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇

https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V


Walkie Talkie News की शुरुआत हमने इस सोच के साथ की कि आपको हर खबर मिले सबसे पहले, सबसे सटीक और बिना किसी लाग-लपेट के। डिजिटल दौर में जहाँ अफवाहें हवा से तेज़ फैलती हैं, वहाँ हमारा मकसद है—आप तक पहुँचे सिर्फ़ सच, वो भी रियल टाइम में। भिलाई-दुर्ग और आसपास की हर लोकल हलचल, हर अहम जानकारी अब आपकी उंगलियों की ज़द में है।
Editor: Saurabh Tiwari
Phone: 8839303956
Email: walkietalkiemynews@gmail.com
Office Address: Shop No. 25, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Durg, Chhattisgarh

© Copyright Walkie Talkie News 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix