
Jaspur: सरकारी अस्पताल में नर्स ने नवजात शिशु को अवैध रूप से गोद दे दिया, तीन गिरफ्तार
जशपुर। सरकारी अस्पताल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नर्स ने नवजात शिशु को टीका लगाने और बीमारी के इलाज के बहाने अवैध रूप से एक दंपति को गोद दे दिया। बच्चा न मिलने पर पीड़ित पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कोरबा जिले से नवजात शिशु को बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में सरकारी अस्पताल की नर्स और बच्चा गोद लेने वाला दंपति शामिल है। यह मामला जिले के पत्थलगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है।

नर्स ने नवजात शिशु को दिया गोद
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि 13 सितंबर 2025 को पत्थलगांव थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने दूसरी शादी की थी। 28 अगस्त 2025 को उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें पत्थलगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनकी पत्नी ने एक कन्या को जन्म दिया। प्रसव के बाद शिकायतकर्ता कुछ सामान लाने घर गया था। जब वह वापस अस्पताल पहुंचा, तो उनकी नवजात बेटी वहां नहीं थी।
पत्नी ने बताया कि नर्स ने बच्ची को टीका लगाने के लिए ले गई थी और कहा था कि बच्ची को गंभीर बीमारी है, जिसके इलाज में भारी खर्च आएगा। इसके बाद नर्स ने बच्ची को कोरबा जिले के निशिकांत मिंज और सुमन वानी मिंज को सौंप दिया, यह कहकर कि बच्ची के स्वस्थ होने पर उसे वापस कर दिया जाएगा।
दंपति ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
शिकायतकर्ता ने बताया कि कई दिनों तक बच्ची के वापस न आने पर उन्होंने नर्स अनुपमा टोप्पो से संपर्क किया, लेकिन वह बार-बार बहाने बनाकर टालती रही। आखिरकार, हताश होकर पीड़ित पिता ने पत्थलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम (जेजे एक्ट) की धारा 80 और 81 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने कोरबा जिले से नवजात कन्या को बरामद कर लिया और नर्स अनुपमा टोप्पो, निशिकांत मिंज और सुमन वानी मिंज को गिरफ्तार कर लिया।
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