
Jaspur में गांजा तस्कर की 50 Lakh से अधिक की संपत्ति फ्रीज:
जशपुर, 4 अक्टूबर 2025 छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। कुख्यात गांजा तस्कर रोहित यादव की अवैध रूप से कमाई गई संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है। यह संपत्ति कुल 50.64 लाख रुपये की बताई जा रही है, जिसमें मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। यह कार्रवाई मुंबई स्थित SAFEMA कोर्ट के आदेश पर की गई है। पुलिस का कहना है कि यह कदम नशीले पदार्थों के कारोबारियों को सबक सिखाने के लिए उठाया गया है, ताकि वे अवैध कमाई से संपत्ति न जुटा सकें।

घटना का विवरण
रोहित यादव, जो चोकी कोतबा के शीतलनगर ग्राम जामा डोर का निवासी है, लंबे समय से गांजा तस्करी में संलिप्त रहा है। पुलिस के अनुसार, यादव एक आदतन अपराधी है और उस पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। नवंबर 2021 में, मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर जशपुर पुलिस ने छापेमारी की थी। इस दौरान यादव और उसके साथियों के कब्जे से 20.570 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। इस मामले में NDPS एक्ट की धारा 20(B) के तहत अपराध दर्ज किया गया और यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
इससे पहले, वर्ष 2013 में भी यादव को 13 किलोग्राम गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तब भी NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई हुई और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यादव ने इन वर्षों में गांजा तस्करी से लाखों रुपये कमाए और इन्हीं पैसों से मकान, कार, मोटरसाइकिल जैसी संपत्तियां खरीदीं। SAFEMA कोर्ट के माध्यम से इन संपत्तियों की जांच की गई, जिसमें साबित हुआ कि ये सभी अवैध कमाई से हासिल की गई हैं।
पुलिस की रणनीति और ऑपरेशन आजाद

जशपुर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘ऑपरेशन आजाद’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत न केवल तस्करों को गिरफ्तार किया जा रहा है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है। अब तक कई मामलों में संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं, जिससे तस्करों की कमर टूट रही है। इस कार्रवाई से अन्य तस्करों को भी चेतावनी मिल रही है कि अवैध कारोबार से कमाई गई संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी।
SAFEMA एक्ट 1976 में लागू हुआ कानून है, जो तस्करों और विदेशी मुद्रा हेराफेरी करने वालों की संपत्तियों को जब्त करने की अनुमति देता है। इस एक्ट के तहत संपत्ति जब्त होने पर आरोपी को अपील का अधिकार होता है, लेकिन सबूत मजबूत होने पर संपत्ति हमेशा के लिए सरकारी खजाने में चली जाती है। जशपुर पुलिस ने इस एक्ट का इस्तेमाल कर यादव की संपत्ति पर शिकंजा कसा है, जो जिले में इस तरह की पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी जशपुर में अन्य तस्करों की करोड़ों की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं, जैसे कि मार्च 2025 में हीराधर यादव के मामले में 1.5 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी।
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