
Jashpur के डोकरा गांव में हाथियों का उत्पात, चर्च को पहुंचा नुकसान
जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के डोकरा गांव में शुक्रवार रात चार हाथियों के झुंड ने बिलिक्र्स ईस्टर्न चर्च में जमकर उत्पात मचाया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है और वन क्षेत्रों में हाथियों के बढ़ते हमलों की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर किया है।

घटना का पूरा विवरण
जशपुर, जिसे “हाथियों का प्रवेश द्वार” कहा जाता है, में आए दिन हाथी खेतों और रिहायशी इलाकों में नुकसान पहुंचाते हैं। शुक्रवार रात को कांसाबेल वन परिक्षेत्र के डोकरा गांव में चार हाथियों ने चर्च की दीवारें तोड़ दीं। वे चर्च के पीछे बने कमरे में घुस गए और वहां रखे चावल, बर्तन व अन्य खाद्य सामग्री को खा लिया या नष्ट कर दिया। इस घटना ने स्थानीय लोगों को सदमे में डाल दिया।
रिहायशी इलाकों में दहशत
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ये हाथी पिछले एक सप्ताह से पत्थलगांव और सीतापुर के जंगलों से निकलकर क्षेत्र में घूम रहे थे। उनकी अनिश्चित गतिविधियां लोगों में डर का कारण बन रही थीं। ग्रामीणों ने तेज शोर मचाकर और अन्य तरीकों से हाथियों को जंगल की ओर भगाने की कोशिश की, लेकिन वे चर्च को निशाना बनाते रहे। इस हमले ने न केवल चर्च, बल्कि आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को भी भयभीत कर दिया।
सामाजिक कार्यों के सामान को नुकसान
चर्च के पीछे बने कमरे में सामाजिक आयोजनों, सामूहिक भोज और राहत वितरण के लिए खाद्य सामग्री और बर्तन रखे जाते थे। हाथियों ने इन सामानों को भी नष्ट कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में पहली बार नहीं हुई हैं। बार-बार होने वाले ऐसे हमलों ने लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
वन विभाग की कार्रवाई और मुआवजा
कांसाबेल वन परिक्षेत्र की रेंजर प्रभावती चौहान ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से चार हाथी क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। वन विभाग की टीम उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। घटना के बाद क्षति का आकलन किया गया है और प्रभावित चर्च और लोगों को नियमानुसार मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और हाथियों के मूवमेंट की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।
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